
जमशेदपुर: तुरामडीह माइंस क्षेत्र में विस्थापितों के आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। करीब पांच घंटे तक चली मैराथन वार्ता के बाद यूसील प्रबंधन को विस्थापितों की प्रमुख मांगों पर सहमति जतानी पड़ी। प्रखंड कार्यालय में सीओ की मौजूदगी में आयोजित बैठक में हजारों की संख्या में पहुंचे विस्थापितों ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
तुरामडीह माइंस विस्थापित समिति के बैनर तले चल रहे आंदोलन के तहत सोमवार को प्रखंड कार्यालय में यूसील प्रबंधन और विस्थापितों के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। पूर्व निर्धारित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के दौरान बड़ी संख्या में विस्थापित कार्यालय परिसर में मौजूद रहे और अपने अधिकारों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
करीब पांच घंटे तक चली लंबी वार्ता के बाद यूसील प्रबंधन ने विस्थापितों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया। समिति के नेताओं के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने सभी प्रमुख मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद बैठक संपन्न हुई।
बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें विस्थापितों के लिए निर्मित कार्यालय को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर सीआईएसएफ के हवाले करना, नियुक्तियों में ग्राम प्रधानों की सहमति को अनिवार्य बनाना, पूर्व से कार्यरत मजदूरों का ग्राम प्रधानों से सत्यापन कराना तथा रोजगार के अवसरों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना शामिल है।
विस्थापित समिति के प्रतिनिधियों ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर कंपनी प्रबंधन की सहमति क्षेत्र के विस्थापित परिवारों के हित में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समझौते के बिंदुओं को तय समय सीमा के भीतर लागू नहीं किया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।