
– रोज 2-3 KM का जाम, ईचागढ़ की जनता पूछ रही – आखिर कब मिलेगी राहत?
विजय गोप/ सरायकेला
टाटा-रांची मुख्य मार्ग NH-33 से चांडिल-पुरुलिया-धनबाद न्यू बायपास एन एच 18 सड़क का निर्माण 2019 से करोड़ों की लागत से चल रहा है। चांडिल-पुरुलिया रोड स्थित पितकी फाटक (JC-56) पर बन रहे स्टील गार्डर ROB के दोनों ओर लॉन्चिंग का काम पूरा हो चुका है। NHAI और Dinesh Chandra R. Agarwal Infracon Pvt Ltd द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण में हो रही लापरवाही से स्थानीय लोग परेशान हैं। दावा किया जा रहा है कि जून के अंत तक एक साइड का सड़क इस ओवरब्रिज से शुरू हो जाएगी।
प्रत्येक दिन फाटक पर लग रहा 2-3 KM का जाम
पितकी ओवरब्रिज के शुरू न होने से चांडिल जंक्शन का पितकी रेलवे फाटक रोज सिरदर्द बना हुआ है। ट्रेनों की लगातार आवाजाही के कारण फाटक बार-बार बंद हो जाता है। ऐसे में रावताड़ा से चांडिल-भालूकोचा की ओर करीब 4 KM और दूसरी तरफ नीमडीह के लुपुंगडीह तक 2 KM तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। हजारों छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहते हैं। फाटक खुलने के बाद भी दबाव इतना रहता है कि एक बार में कुछ ही वाहन निकल पाते हैं। इसी बीच दूसरी ट्रेन आते ही फिर जाम लग जाता है।
चार बार बढ़ी डेडलाइन, अब भी इंतजार
पितकी ओवरब्रिज को शुरू करने की पहली डेडलाइन 31 मार्च 2026 तय थी। काम पूरा न होने पर इसे 15 जून, फिर 31 जुलाई और इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह तक बढ़ाया गया। आजादी का 80वां वर्ष भी बीत गया, लेकिन ओवरब्रिज अब तक शुरू नहीं हो सका।दूसरी तरफ निर्माण कंपनी का तर्क है कि लगातार बारिश के कारण काम प्रभावित हुआ है। कंपनी का कहना है कि 2-4 दिन बारिश नहीं हो तो काम पूरा किया जा सकता है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरू से ही लेटलतीफी हुई है।
रांची-टाटा-पुरुलिया-धनबाद मार्ग का सबसे व्यस्त फाटक* यह फाटक आद्रा और रांची रेल मंडल की मालगाड़ी, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अहम है। रोजाना यहां से 4 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन औगुजरते हैं। इसमें मालवाहक ट्रक, बस, ट्रेलर के अलावा स्कूल वाहन, एंबुलेंस, टेंपू और बाइक भी शामिल हैं। जाम के कारण स्कूल के बच्चे और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस भी घंटों फंस रही हैं।
मंत्री के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति
रांची सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रेलवे और NHAI अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जुलाई के अंत तक ओवरब्रिज शुरू करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद काम अधूरा है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि बारिश में भी तिरपाल लगाकर काम क्यों नहीं होता?आखिर कॉन्ट्रैक्टर का उद्देश्य क्या है? लोगों की परेशानी से किसी को मतलब नहीं है।कई बार सांसद संजय सेठ चांडिल जंक्शन स्टेशन में निरीक्षण करने पहुंचते हैं,सवाल उठाया जा रहा है। लेकिन सांसद ने मौन धारण कर लिया है ।
लगातार बढ़ते जाम और टलती डेडलाइन से आक्रोशित ईचागढ़ की जनता अब सीधा सवाल कर रही है – पितकी ओवरब्रिज आखिर कब शुरू होगा और हमें रोज-रोज के जाम से कब स्थायी मुक्ति मिलेगी?