
पटना: पटना जिले के खुसरूपुर और बाढ़ क्षेत्र में शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन से जुड़े करीब 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। इस कार्रवाई में ईडी के साथ विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की टीमें भी शामिल हैं। छापेमारी की खबर मिलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जानकारी के अनुसार ईडी की टीमें बाढ़ अनुमंडल के टेका बीघा तथा खुसरूपुर प्रखंड के चौड़ा, सुकरबेगचक, पचरुखिया, मुस्तफापुर और जगमालबीघा समेत कई स्थानों पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों द्वारा संबंधित परिसरों में दस्तावेजों, बैंकिंग लेनदेन, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है ताकि जांच प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी की जा सके।
संतोष यादव उर्फ संतोष डॉन का नाम पटना जिले के चर्चित अपराधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ भूमि विवाद, रंगदारी और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। बिहार पुलिस ने वर्ष 2026 में उसे जिले के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल किया था। वर्तमान में उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। संतोष डॉन पहले भी पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के केंद्र में रह चुका है। दिसंबर 2025 में पुलिस ने उसके पचरुखिया स्थित आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बच निकला था। उस घटना को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। सूत्रों के अनुसार मौजूदा छापेमारी का मुख्य उद्देश्य संतोष डॉन और उसके सहयोगियों से जुड़ी कथित अवैध वित्तीय गतिविधियों, संपत्तियों के स्रोत तथा संभावित बेनामी निवेशों की जांच करना है। जांच एजेंसियां उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। संतोष यादव की पत्नी पूर्व में पैक्स अध्यक्ष रह चुकी हैं, इसलिए उनके वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
