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जमशेदपुर में 20 अप्रैल 2026 को इंस्टीट्यूट फॉर सोशल डेमोक्रेसी (आईएसडी) एवं विभिन्न स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में ‘साझा महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोक कला, नाटक, गीत-संगीत और सामाजिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महोत्सव में कलाधाम, झारखंड सांस्कृतिक मंच, इप्टा जमशेदपुर, कला क्रिएशन, उदय मूवीज़ और गोमहेद अखाड़ा जैसे संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत उदय मूवीज़ द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, गोमहेद अखाड़ा के कलाकारों रामचंद्र मार्डी, उर्मिला हांसदा, आकाश और आदित्य ने संताली गीतों की प्रस्तुति देकर स्थानीय संस्कृति की झलक पेश की। कला क्रिएशन के मसरूर सिद्दीकी ने हरिशंकर परसाई की रचना पर आधारित एकल नाटक ‘मैं नर्क से बोल रहा हूं’ प्रस्तुत कर सामाजिक व्यंग्य को जीवंत किया। कलाधाम द्वारा गौतम गोप लिखित एवं निर्देशित नाटक “पानी रे पानी – हाय रे पानी” का मंचन किया गया, जिसमें जलवायु संकट जैसे गंभीर विषय को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। इसके अलावा आरजे राज की मिमिक्री और लिटिल इप्टा जमशेदपुर द्वारा ‘लोहे का आदमी’ नाटक ने भी खूब तालियां बटोरीं। पूरे कार्यक्रम का संचालन आरजे राज ने किया, जिन्होंने विशेष रूप से बच्चों पर ध्यान देकर आयोजन को और भी रोचक बनाया। आयोजन के बारे में शिवलाल सागर ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य सांस्कृतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। वहीं, गौतम गोप ने कहा कि स्थानीय कलाकारों को मंच देने और संवाद को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मासिक आयोजनों की पहल की गई है।

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