
देवघर: पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर घरों में घुसने और हथियार के बल पर लूटपाट करने वाले एक शातिर गिरोह का देवघर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जसीडीह थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को साइबर थाना की टीम बताकर संदिग्ध साइबर अपराधियों के घरों में दाखिल होते थे और फिर परिवार के सदस्यों को हथियार के बल पर बंधक बनाकर नकदी व अन्य सामान लूट लेते थे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, चार जिंदा गोलियां, पिस्टल की एक मैगजीन, पांच केमोफ्लाइज वर्दी टी-शर्ट, पांच पैंट, पांच टोपी, चार प्लास्टिक के डंडे और होंडा साइन व हीरो स्प्लेंडर प्रो बाइक बरामद की है। देवघर एसडीपीओ कुलदीप कुमार के मुताबिक, गिरोह लंबे समय से जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। जसीडीह के अलावा देवीपुर, मारगोमुंडा, सारठ, मधुपुर, सोनारायठाढ़ी और पथरौल थाना क्षेत्रों में लूट और डकैती की घटनाओं में इसकी संलिप्तता सामने आई है। गिरोह देवघर के बाहर दुमका समेत अन्य जिलों में भी इसी तरीके से वारदात करता था।
साइबर आरोपियों के घरों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। अपराधी पुलिस जैसी वर्दी पहनकर घर पहुंचते और खुद को साइबर थाना का पुलिसकर्मी बताते हुए दरवाजा खुलवाते थे। घर में दाखिल होने के बाद हथियार दिखाकर परिवार के सदस्यों को काबू में कर लूटपाट करते थे। खास बात यह थी कि गिरोह ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था, जिनके घर में वास्तविक रूप से साइबर ठगी के आरोपी या संदिग्ध रहते थे। पुलिस के मुताबिक, ऐसे लोग कई बार बदनामी या कानूनी कार्रवाई के डर से अपने साथ हुई लूट की जानकारी पुलिस को नहीं देते थे। अपराधियों को इसी बात का फायदा मिलता था।
चार वारदातों में सामने आई गिरोह की भूमिका
जांच के दौरान पुलिस को जसीडीह थाना क्षेत्र के बजरमरुआ निवासी सीताराम दास, सोनारायठाढ़ी के चंदनपुरा निवासी असरफ अंसारी, मधुपुर के सबेजोर पहाड़पुर निवासी महेंद्र यादव और पथरौल थाना क्षेत्र के कुरमीडीह निवासी मनोज कुमार मंडल के घर हुई लूटपाट में इस गिरोह की संलिप्तता मिली है। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी जसीडीह थाना क्षेत्र में कोकहराजोरी मोड़ और रौशन मोड़ के बीच मुख्य सड़क किनारे स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में जुटते थे। इसी स्थान पर बैठकर लूट और डकैती की योजना तैयार की जाती थी।
गिरोह का सरगना फारुख, उप मुखिया भी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में देवीपुर थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद पंचायत का वर्तमान उप मुखिया मो. मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू भी शामिल है। पुलिस ने गिरोह का सरगना मो. फारुख अंसारी को बताया है। उसके खिलाफ पहले से फिरौती के लिए अपहरण समेत कई मामले दर्ज हैं।पुलिस ने बताया कि पांडेय यादव के खिलाफ देवीपुर, बुढ़ई और मारगोमुंडा थानों में लूट, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमला समेत करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। फारुख अंसारी के खिलाफ पथरौल और सारठ थाना के अलावा जामताड़ा जिले में लूट और फिरौती के लिए अपहरण के तीन मामले दर्ज हैं। वहीं इजराइल अंसारी के खिलाफ देवीपुर थाने में एक, जबकि ताहिर अंसारी के खिलाफ तीन मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय थे।
ये हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में देवीपुर थाना क्षेत्र के धबवा गांव निवासी मो. फारुख अंसारी, अल्ताफ अंसारी उर्फ गुड्डू, रहाबाद गांव निवासी मो. मुबारक अंसारी उर्फ गुड्डू, रजपुरा निवासी इजराइल अंसारी, समलापुर निवासी ताहिर अंसारी, झुमरबाद निवासी शहबाज अंसारी, भैरवाटीला निवासी पांडेय यादव तथा मोहनपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी बबलू अंसारी, सुलेमान साह और अकरम साह शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में 25 जुलाई को जसीडीह थाने में डकैती, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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