
अयोध्या : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंदिर में प्रथम मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति कर दी गई है। सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को इस पद का कार्यभार संभाल लिया। अब ट्रस्ट मंदिर से जुड़े अन्य आवश्यक पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि सीईओ की नियुक्ति के बाद मंदिर की वैज्ञानिक, प्रशासनिक और वित्तीय गतिविधियों की जिम्मेदारी उनके स्तर से संभाली जाएगी। प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बनाना सीईओ की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
ज्वाइंट और डिप्टी सीईओ के नामों पर मंथन
ट्रस्ट में सीईओ के बाद ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ के पदों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन पदों पर शीघ्र नियुक्ति किए जाने की संभावना है। ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि के अनुसार, चयन समिति द्वारा तैयार नामों के पैनल को नियुक्ति का आधार बनाया जाएगा। समिति ने सीईओ के लिए तीन नाम दिए थे, जिनमें से एक का चयन हो चुका है। शेष दो नामों पर ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ के लिए विचार किया जा सकता है। पैनल में सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और सेवानिवृत्त आईएएस श्रुति भारद्वाज के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
मंदिर प्रबंधन के लिए तैयार होगा विस्तृत ढांचा
मंदिर के कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों और पदों का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। कर्मचारियों की संख्या भी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित होगी। जरूरत पड़ने पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगने के लिए विज्ञापन जारी किया जा सकता है। ट्रस्ट के प्रवक्ता पद पर भी जल्द नियुक्ति की तैयारी है। प्रबंधन ऐसे व्यक्ति की तलाश कर रहा है, जिसे मंदिर की गतिविधियों की गहरी जानकारी हो और जो मीडिया के सामने ट्रस्ट का पक्ष प्रभावी एवं संतुलित तरीके से प्रस्तुत कर सके।
चार करोड़ के चेक मामले में कार्रवाई नहीं
ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव रहे ट्रस्टी कृष्णमोहन ने बताया कि तमिलनाडु की एक महिला श्रद्धालु द्वारा दान के रूप में दिए गए चार करोड़ दस हजार रुपये के चेक के मामले में फिलहाल कार्रवाई नहीं की जाएगी। बैंक में चेक जमा करने पर संबंधित खाते में पर्याप्त राशि नहीं मिली थी। ट्रस्ट का कहना है कि यदि महिला दोबारा संपर्क करती हैं तो आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
दो दिसंबर को प्रस्तावित अगली बैठक
ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक दो दिसंबर को प्रस्तावित है। मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और महत्वपूर्ण प्रशासनिक विषयों पर इस बैठक में निर्णय लिए जा सकते हैं। हाल के महीनों में ट्रस्ट की कई बैठकों में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, इसलिए आगामी बैठक पर भी सभी की निगाहें रहेंगी।











