
रांची: झारखंड के युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में करियर बनाने का बड़ा अवसर सामने आया है। राज्य में युवाओं को मुफ्त कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण देने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज हो गया है। इसके तहत लिखित परीक्षा में सफल हुए 75 अभ्यर्थियों में से अब अंतिम 15 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयन की अगली प्रक्रिया साइकोमेट्रिक टेस्ट के जरिए पूरी होगी।
लिखित परीक्षा के बाद अब 15 छात्रों का चयन
हाल ही में आयोजित लिखित परीक्षा में सफल हुए 75 अभ्यर्थी अब चयन के अगले चरण में पहुंच गए हैं। इन सभी अभ्यर्थियों की साइकोमेट्रिक जांच की जाएगी। इसी प्रक्रिया के आधार पर अंतिम रूप से 15 छात्रों का चयन किया जाएगा।
यह चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पायलट जैसी जिम्मेदारी वाले पेशे में अभ्यर्थी की मानसिक क्षमता, व्यवहार और दबाव की स्थिति में निर्णय लेने की क्षमता को महत्वपूर्ण माना जाता है।
एक बैच में 30 छात्रों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जानकारी के अनुसार, एक बैच में कुल 30 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाना है। इनमें से 15 छात्रों का चयन भुगतान वाली श्रेणी के तहत पहले ही किया जा चुका है। वहीं, बाकी 15 छात्रों को राज्य सरकार अपने खर्च पर मुफ्त प्रशिक्षण दिलाएगी।
मुफ्त प्रशिक्षण पाने वाले छात्रों की फीस का भुगतान सीधे प्रशिक्षण एजेंसी को राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा। इससे चयनित युवाओं को कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण के लिए होने वाले बड़े खर्च से राहत मिलेगी।
साइकोमेट्रिक टेस्ट में परखी जाएगी मानसिक क्षमता
अंतिम चयन के लिए होने वाले साइकोमेट्रिक टेस्ट में अभ्यर्थियों की मानसिक क्षमता और व्यवहार से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसमें उम्मीदवार की सोचने की क्षमता, व्यक्तित्व, तनावपूर्ण परिस्थितियों में व्यवहार और निर्णय लेने की क्षमता जैसी बातों को परखा जाएगा।
पायलट की जिम्मेदारी को देखते हुए यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में तेजी और सही निर्णय लेने की क्षमता विमान संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती है।
15 युवाओं के लिए खुलेगा आसमान में करियर का रास्ता
साइकोमेट्रिक और जजमेंटल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम 15 छात्रों का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को मुफ्त पायलट प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। यह योजना झारखंड के युवाओं को उड्डयन क्षेत्र में करियर बनाने का सीधा अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
अगर चयनित छात्र प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करते हैं, तो उनके लिए कमर्शियल पायलट के रूप में करियर की राह खुल सकती है। राज्य सरकार की इस पहल से उन प्रतिभाशाली युवाओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से महंगे पायलट प्रशिक्षण का खर्च वहन नहीं कर पाते।











