
रांची : राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत हिनू में दो कारों की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर मारपीट और लूटपाट तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नुकसान की भरपाई को लेकर बातचीत चल ही रही थी कि दूसरे पक्ष ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद करीब 15 लोगों ने शिकायतकर्ता और उनके पिता पर हमला कर दिया। डोरंडा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीछे से कार में टक्कर लगने पर शुरू हुआ विवाद
शिकायतकर्ता अमन कुमार के अनुसार, घटना 6 सितंबर की शाम लगभग 7:15 बजे हुई। वह धुर्वा से हिनू की ओर अपनी कार से जा रहे थे। हिनू सेंट्रल बैंक के पास पीछे से आ रही एक ग्रैंड विटारा कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। आरोप है कि दूसरी कार में एक युवक और युवती सवार थे और चालक कथित तौर पर नशे की हालत में था। हालांकि, इस आरोप की पुलिस स्तर पर पुष्टि होना अभी बाकी है। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच क्षतिग्रस्त वाहन की मरम्मत और नुकसान की भरपाई को लेकर बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान शिकायतकर्ता अमन के पिता दुर्गेश वर्मन भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
साथियों को बुलाकर हमला करने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बातचीत के दौरान दूसरी कार में सवार युवक ने पैसे देने की बात कहकर अपने परिचितों को मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद कई युवक वहां पहुंचे और कथित रूप से विवाद करने लगे। अमन का आरोप है कि लगभग 15 लोगों ने लोहे की रॉड, लाठी और अन्य वस्तुओं से उनके तथा वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। घटना में अमन और उनके पिता के घायल होने की बात कही गई है। सूचना मिलने पर पेट्रोलिंग पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों पक्षों को अलग कराया और घायलों को इलाज के लिए भेजा।
नकदी और सोने की चेन छीनने की शिकायत
अमन कुमार ने पुलिस को बताया कि विवाद और मारपीट के दौरान उनकी जेब से करीब पांच हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने अपने पिता के गले से सोने की चेन छीने जाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में एक कार चालक विशाल सिंह सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविकता
डोरंडा थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और आरोपों की सत्यता स्पष्ट होगी।










