
रांची : झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी के बीच बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद तीन न्यायिक अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इनमें मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा शामिल हैं।
10 सितंबर को कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को हुई बैठक में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
कौन हैं तीन नए जज?
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा लंबे समय से राज्य की निचली न्यायपालिका में न्यायिक सेवाएं दे रहे हैं। अखिल कुमार वर्तमान में साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत रहे हैं।
हाईकोर्ट की न्यायिक ताकत 16 तक पहुंचेगी
इन तीन नियुक्तियों के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो जाएगी। हाईकोर्ट की स्वीकृत क्षमता 25 न्यायाधीशों की है, यानी इन नियुक्तियों के बाद भी 9 पद खाली रहेंगे।
लंबित मामलों के निपटारे पर रहेगी नजर
न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। हालांकि, लंबित मामलों के निपटारे की वास्तविक गति कई अन्य प्रशासनिक और न्यायिक कारकों पर भी निर्भर करेगी।











