
जमशेदपुर : एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में जांच पूरी होने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने 17 छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कार्रवाई की जद में शैक्षणिक सत्र 2024 के 14 और सत्र 2025 के तीन छात्र आए हैं। सोमवार को सभी आरोपित छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया। एनएमसी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रत्येक छात्र पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
रैगिंग की शिकायत के बाद 48 घंटे चली जांच
नए सत्र के 26 से अधिक छात्रों ने कॉलेज के एंटी रैगिंग सेल के साथ एनएमसी को भी लिखित शिकायत भेजी थी। छात्रों ने शिकायत के समर्थन में ऑडियो और वीडियो उपलब्ध कराए थे। इसके बाद एनएमसी के निर्देश पर एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता छात्रों, आरोपित विद्यार्थियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की गई।
दो रात 12 से 2 बजे तक हॉस्टल पहुंचने की पुष्टि
जांच में सामने आया कि आरोपित छात्र एक बार नहीं, बल्कि लगातार दो रात जूनियर छात्रों के हॉस्टल पहुंचे थे। दोनों घटनाओं का समय रात करीब 12 बजे से दो बजे के बीच बताया गया है। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों की जानकारी और जूनियर छात्रों के बयानों को आधार बनाया। इन साक्ष्यों के आधार पर रैगिंग की शिकायत को सही पाया गया।
14 छात्रों की 15 दिन क्लास बंद, तीन की परीक्षा रोकी
कार्रवाई का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। सत्र 2024 के 14 छात्रों को अगले 15 दिनों तक कक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया है। वहीं सत्र 2025 के तीन छात्रों को आठ अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई है। इन तीनों के परीक्षा परिणाम जारी नहीं करने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय को भी जानकारी भेजी गई है।
पहली गलती मानकर मिली राहत, दोबारा हुआ तो आपराधिक कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने आरोपित छात्रों और उनके अभिभावकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि मौजूदा कार्रवाई को पहली गलती मानते हुए की गई है। भविष्य में रैगिंग की पुनरावृत्ति होने पर मामला केवल कॉलेज की अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
हॉस्टल की निगरानी के लिए 12 होमगार्ड तैनात
रैगिंग की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। निगरानी के लिए 12 होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया है। छात्रों को एमजीएम थाना प्रभारी का संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया गया है। किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस को देने का निर्देश दिया गया है।
एसडीओ ने छात्रों से पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील की
मामले के जांच अधिकारी सह एसडीओ अर्णव मिश्रा ने एमजीएम समेत शहर के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से अनुशासन में रहकर पढ़ाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता कि किसी छात्र का भविष्य गलत गतिविधियों के कारण प्रभावित हो। छात्रों को हॉस्टल से अनधिकृत रूप से बाहर निकलने और किसी भी अनैतिक गतिविधि में शामिल होने से बचने की हिदायत दी गई है।
प्राचार्य बोले- जांच में शिकायत सही मिली
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि 17 छात्रों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता और आरोपित छात्रों समेत मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद एनएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई है। पूरे मामले की जानकारी संबंधित काउंसिल को भी भेज दी गई है।












