
सरायकेला : दशहरा की तैयारियों को लेकर आदित्यपुर थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में नगर निगम के सफाई और जेसीबी शुल्क का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पूजा समितियों पर लगाए जाने वाले इस शुल्क का उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर विरोध किया। पर्व के दौरान बिजली, पानी, सड़क और सुरक्षा की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रशासन ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया, जबकि पुलिस ने सुरक्षा के लिए व्यापक निगरानी की योजना बताई।
चंदे से आयोजन, अतिरिक्त शुल्क पर सवाल
थाना प्रभारी अंजनी कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक का उद्देश्य दशहरा को शांति, आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ संपन्न कराना था। हालांकि, नगर निगम की ओर से दुर्गा पूजा पंडालों के लिए निर्धारित सफाई और जेसीबी शुल्क को लेकर नाराजगी सामने आई। विरोध कर रहे प्रतिनिधियों ने पूजा समितियों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि समितियां लोगों से चंदा जुटाकर आयोजन करती हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से उनका खर्च बढ़ेगा और पूजा की व्यवस्थाओं पर आर्थिक दबाव पड़ेगा।
बोर्ड में चर्चा के बिना शुल्क तय करने पर आपत्ति
डिप्टी मेयर और प्रवीण सेवा संस्थान के अध्यक्ष अंकुर सिंह ने शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक या चर्चा के बिना इस तरह का निर्णय कैसे लिया गया? उनके अनुसार, पूजा आयोजन की जिम्मेदारी निभा रही समितियों पर दोहरा आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। अंकुर सिंह ने बताया कि सभी पार्षद इस फैसले के विरोध में हैं। उन्होंने शुल्क को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए पूजा समितियों की कठिनाइयों को ध्यान में रखने की बात कही।
महापौर ने दिया समाधान का आश्वासन
महापौर संजय सरदार ने कहा कि शुल्क को लेकर विरोध होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। महापौर ने मामले पर बैठक कर जल्द सकारात्मक समाधान निकालने का आश्वासन दिया। हालांकि, बैठक में शुल्क वापस लेने की घोषणा नहीं हुई। गम्हरिया के प्रभारी बीडीओ श्रवण कुमार झा ने भी लोगों और समितियों की समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी पर्व शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया जा सके।
पुलिस बल, कैमरे और वॉच टावर से निगरानी
सरायकेला के एसडीपीओ अभिनव भारद्वाज ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। पूजा समितियों के स्वयंसेवक भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वायरलेस व्यवस्था के जरिए सूचनाओं पर त्वरित निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ वॉच टावर और सीसीटीवी कैमरों से गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी है। बैठक में नागरिक सुविधाओं के समाधान और सुरक्षा इंतजामों को दशहरा की तैयारियों का अहम हिस्सा बताया गया।












