
- वैश्विक टैरिफ और व्यापारिक बाधाओं के बीच देश की अपनी सप्लाई चेन मजबूत करना जरूरी, मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर टाटा स्टील एमडी ने दिया जोर
जमशेदपुर : भारत में स्टील की खपत आने वाले वर्षों में मजबूत रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। देश में बढ़ती घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के विस्तार के बीच स्टील की खपत सालाना 7 से 8 प्रतिशत या उससे अधिक की दर से बढ़ सकती है। यह कहना है टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टीवी नरेंद्रन का।
इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आईएफक्यूएम) के कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय स्टील उद्योग की संभावनाओं और वैश्विक स्तर पर बदलते कारोबारी माहौल पर अपनी बात रखी। नरेंद्रन ने कहा कि भारत के लिए मजबूत घरेलू बाजार आने वाले समय में स्टील उद्योग की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।
घरेलू मांग से मिलेगा उद्योग को सहारा
भारत में सड़क, रेलवे, पुल, मेट्रो, भवन और औद्योगिक परियोजनाओं के विस्तार के साथ स्टील की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिए जाने से भी स्टील की मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
नरेंद्रन के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी वजह से वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय स्टील उद्योग के लिए आगे बढ़ने की पर्याप्त संभावनाएं बनी हुई हैं।
टैरिफ और व्यापारिक बाधाएं बनी चुनौती
वैश्विक स्तर पर बढ़ते टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों के बीच कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। नरेंद्रन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत के लिए अपनी स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि जरूरी हो गया है।
उन्होंने देश के भीतर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और निवेश को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारत में उत्पादन बढ़ाना होगा
वैश्विक कारोबार में लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने से भारतीय उद्योगों को कई स्तरों पर लाभ मिल सकता है। इससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्टील उद्योग के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतें सीधे स्टील की मांग से जुड़ी हैं।
टाटा स्टील के लिए भी घरेलू बाजार अहम
भारत में स्टील की बढ़ती खपत टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनियों के लिए घरेलू बाजार में विस्तार के अवसर पैदा करती है। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, निर्माण और औद्योगिक क्षेत्र में स्टील की मांग बढ़ने से वैल्यू-एडेड स्टील उत्पादों की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
टाटा स्टील पहले से ही विशेष उपयोग वाले स्टील उत्पादों पर जोर दे रही है। कंपनी के फायर-रेजिस्टेंट इ350 जैसे नए उत्पाद इसी दिशा में वैल्यू-एडेड स्टील पोर्टफोलियो को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत पर भरोसा
दुनिया के कई बाजारों में टैरिफ, व्यापारिक बाधाओं और सप्लाई चेन में बदलाव के बीच भारत का बड़ा घरेलू बाजार उद्योग के लिए महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। नरेंद्रन का अनुमान इसी घरेलू मांग और देश में बढ़ते औद्योगिक निवेश की संभावनाओं को रेखांकित करता है।
नरेंद्रन के बयान की प्रमुख बातें
- भारत में स्टील खपत 7-8 प्रतिशत या उससे अधिक की दर से बढ़ने की उम्मीद।
- घरेलू मांग स्टील उद्योग की वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
- वैश्विक टैरिफ और व्यापारिक बाधाओं के बीच स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत करना जरूरी।
- देश में मैन्युफैक्चरिंग निवेश बढ़ाने पर जोर।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक गतिविधियों से स्टील की मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद।












