
सुपौल : बेकार समझकर फेंके जाने वाले प्लास्टिक को अब सड़क निर्माण में उपयोगी संसाधन बनाने की पहल की जा रही है। जिले में सड़कों के निर्माण के दौरान बिटुमिन के साथ प्रोसेस्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण, उसके पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाना है। इसे लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों के अभियंताओं और संवेदकों के साथ बैठक कर सहयोग की अपील की है।
निर्माण कार्यों से जुड़ेगा कचरे का पुनः उपयोग
उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण और सड़क निर्माण में उसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। संबंधित विभागों के अभियंताओं एवं संवेदकों के साथ इस पहल को निर्माण कार्यों से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। बैठक में जोर दिया गया कि प्लास्टिक कचरे को केवल निस्तारण की समस्या के रूप में देखने के बजाय उसके उपयोग की संभावनाओं पर भी काम किया जाए। प्रोसेस्ड प्लास्टिक को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की पहल इसी दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है।
पांच प्रबंधन इकाइयों में उपलब्ध है प्लास्टिक
उप विकास आयुक्त ने बताया कि सुपौल जिले में पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित हैं। इन इकाइयों में पर्याप्त मात्रा में प्लास्टिक कचरा उपलब्ध है। सड़क निर्माण कार्यों में इस संसाधन का उपयोग करके अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध प्लास्टिक के पुनः उपयोग से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने का रास्ता खुलेगा। इससे कचरे के प्रबंधन और निर्माण कार्यों के बीच उपयोगी जुड़ाव स्थापित करने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की पहल इन दोनों क्षेत्रों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर केंद्रित है।
अभियंताओं और ठेकेदारों की भागीदारी पर जोर
इंद्रवीर कुमार ने अभियंताओं और संवेदकों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक विकास में सकारात्मक योगदान देना भी आवश्यक है। निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों की भागीदारी इस पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी। बैठक में उपस्थित अभियंताओं और संवेदकों ने पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक प्रगति से जुड़े इस प्रयास में पूरा सहयोग देने की बात कही। चर्चा के दौरान सड़क निर्माण में प्लास्टिक अपशिष्ट के बेहतर उपयोग और पुनर्चक्रण की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने पर जोर रहा।
सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की कोशिश
बैठक में सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके तहत उपयोग के बाद बेकार हुई सामग्री को दोबारा संसाधन के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था को बढ़ावा देने की बात रखी गई। प्रशासन के अनुसार, सड़क निर्माण में प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। बैठक में निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक पूनम कुमारी, जिला सलाहकार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।












