
पटना : पटना स्नातक विधान परिषद सीट पर चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार की संभावित उम्मीदवारी का खुलकर विरोध किया है। इस बयान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है: पार्टी किसे उम्मीदवार बनाएगी और उसके फैसले के बाद स्थानीय नेता किसके साथ खड़े होंगे?
उम्मीदवारी घोषित होने से पहले ही टकराव
नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार विधान परिषद पहुंच चुके हैं। उनका पुराना चुनावी नेटवर्क और मतदाताओं से संपर्क उनकी ताकत माना जाता है। हालांकि, JDU ने अभी अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में अनंत सिंह का विरोध पार्टी के सामने एक कठिन सवाल खड़ा करता है—क्या उम्मीदवार के नाम पर संगठन एकजुट रह पाएगा? अनंत सिंह स्वयं इस सीट से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। इसलिए उनकी भूमिका उम्मीदवार के बजाय समर्थक या विरोधी के रूप में देखी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान वह किसके पक्ष में सक्रिय होते हैं, इससे उनके प्रभाव का बेहतर अंदाजा लग सकेगा।
बयानों से आगे बढ़ी सियासी चर्चा
दोनों नेताओं के बीच मतभेद अब सार्वजनिक हैं। JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इस मामले को पार्टी के संज्ञान में बताया है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी पार्टी में गुटबाजी की बात से इनकार किया है। इन प्रतिक्रियाओं के बावजूद उम्मीदवार का नाम सामने आने तक अटकलें थमने की संभावना कम है। इस चुनाव में पार्टी के भीतर का रुख इसलिए भी अहम होगा क्योंकि नीरज कुमार के सामने दूसरे राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी होंगे। चर्चा में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से संभावित उम्मीदवारों के नाम भी हैं। अगर विरोधी खेमे सक्रिय रहे, तो मुकाबले का असर केवल दो नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा।
फैसला स्नातक मतदाता करेंगे
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा के मतदाता शामिल हैं। ऐसे चुनाव में उम्मीदवार का व्यक्तिगत संपर्क, स्थानीय संगठन और मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने की क्षमता खास मायने रखती है। नीरज कुमार के पिछले तीन चुनावों का अनुभव उनके पक्ष में है, जबकि अनंत सिंह के विरोध से JDU के प्रचार में असहज स्थिति बन सकती है। फिलहाल किसी नेता के दावे को चुनावी नतीजा मानना जल्दबाजी होगी। उम्मीदवारों की अंतिम सूची और प्रचार शुरू होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी। अभी पटना स्नातक सीट JDU के लिए उम्मीदवार चयन के साथ-साथ संगठन की एकजुटता की परीक्षा बन गई है।











