
धनबाद : बारामुड़ी में खटाल हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बीच संचालकों को फिलहाल राहत मिली है। छठ पूजा तक मोहलत देने की मांग लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों की अपील के बाद मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर तय की गई है। संबंधित लोगों को उस दिन जमीन से जुड़े दस्तावेज लेकर उपस्थित होने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अंचल कार्यालय पहुंचकर लोगों ने रखी मांग
सोमवार को बारामुड़ी के सैकड़ों लोग धनबाद अंचल कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अंचलाधिकारी राम प्रवेश कुमार से मुलाकात कर खटाल हटाने की कार्रवाई में छठ पूजा के बाद तक का समय देने का अनुरोध किया। लोगों की बात सुनने के बाद अंचलाधिकारी ने सुनवाई के लिए नई तारीख निर्धारित की। इस फैसले से खटाल संचालकों को अपने कागजात जुटाने और प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर मिला है। अब 19 नवंबर की सुनवाई में प्रस्तुत दस्तावेज और संबंधित पक्षों की दलीलें आगे की कार्रवाई का आधार बनेंगी। फिलहाल मिली मोहलत को मामले का अंतिम निपटारा नहीं माना जा सकता।
दो दशक से चल रहे खटाल, पुराने फैसले पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारामुड़ी में करीब दो दशक से खटाल संचालित हो रहे हैं। उनका दावा है कि तत्कालीन उपायुक्त डॉ. बेला राजेश के कार्यकाल में उन्हें यहां बसाया गया था। इसी आधार पर संचालक मौजूदा कार्रवाई पर नाराजगी जता रहे हैं और अपनी स्थिति पर विचार करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, वर्तमान उपायुक्त आदित्य रंजन के कार्यकाल में जिला प्रशासन ने क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे खटाल संचालकों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ा है। लोगों ने अपनी मांग अंचलाधिकारी के सामने रखते हुए त्योहार के दौरान तत्काल कार्रवाई से राहत मांगी।
वैध दस्तावेज नहीं होने पर खाली करनी होगी जमीन
अंचलाधिकारी राम प्रवेश कुमार के अनुसार, जिन लोगों के पास जमीन से संबंधित वैध कागजात नहीं हैं, उन्हें अतिक्रमित भूमि स्वयं खाली करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी संबंधित लोगों को दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दे रहा है। प्रशासन का रुख है कि जमीन पर दावे की जांच कागजात के आधार पर होगी। इसलिए सुनवाई में उपस्थित होने वाले लोगों को अपने दावे से संबंधित अभिलेख साथ लाने के लिए कहा गया है।
समर्थन में कार्यक्रम की तैयारी, राजनीतिक हलचल भी बढ़ी
इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बारामुड़ी खटाल बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 4 नवंबर को सुबह 11 बजे मेमको मोड़ पर कार्यक्रम निर्धारित है। कार्यक्रम में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और झारखंड सरकार के मंत्री संजय यादव के शामिल होने की जानकारी दी गई है। अब लोगों की निगाहें इस कार्यक्रम और 19 नवंबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब जमीन से जुड़े दावों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।












