
धनबाद : झारखंड एकेडमिक काउंसिल की वर्ष 2027 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। परीक्षा फॉर्म भरने की तैयारी के साथ बोर्ड ने शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों की जानकारी सावधानी से दर्ज करने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से पंजीयन संख्या का सही मिलान करने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी गलती के कारण विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रह जाएं।
पहले से उपलब्ध फॉर्म, जल्द पूरी करें तैयारी
विद्यार्थियों और संस्थानों की सुविधा के लिए परीक्षा आवेदन पत्र का प्रारूप पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। संस्थानों को इसे डाउनलोड कर संबंधित छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना है। इससे ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जरूरी विवरण जुटाए जा सकेंगे और उनकी जांच के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। भरे हुए फॉर्म की जानकारी का मिलान संबंधित विद्यार्थी के एलओएस यानी लिस्ट ऑफ स्टूडेंट्स के डाटा से करना होगा। आवेदन संबंधी प्रक्रिया जैक की आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in� के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मैट्रिक के लिए आवेदन और भुगतान की अलग समयसीमा
जारी जानकारी के अनुसार, दसवीं के विद्यार्थी बिना विलंब शुल्क 12 से 26 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। इस श्रेणी में परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर निर्धारित है। विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर 27 नवंबर से 4 दिसंबर तक मिलेगा। ऐसे आवेदनों के लिए शुल्क भुगतान 7 दिसंबर तक किया जा सकेगा। विद्यार्थियों और संस्थानों को आवेदन जमा करने तथा शुल्क भुगतान की तारीखों का अलग-अलग ध्यान रखना होगा। केवल फॉर्म भरने के बाद भुगतान की समयसीमा भूलने से परेशानी हो सकती है।दोनों परीक्षाओं की ऑनलाइन प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। ऊपर दी गई विस्तृत समयसीमा मैट्रिक आवेदन से संबंधित है।
दूसरे विद्यार्थी की पंजीयन संख्या दर्ज होने से बढ़ती है परेशानी
बोर्ड के अनुसार, कई बार संस्थान पोर्टल खुलने के बाद विद्यार्थियों से फॉर्म भरवाते हैं। भरे हुए आवेदन मिलने में देरी होने पर अंतिम समय में ऑनलाइन विवरण दर्ज करने की जल्दबाजी होती है। इसी दौरान त्रुटियां सामने आती हैं। कुछ मामलों में किसी अन्य विद्यार्थी की पंजीयन संख्या दर्ज कर आवेदन जमा कर दिया जाता है। इससे उस पंजीयन संख्या वाला वास्तविक विद्यार्थी अपना आवेदन नहीं भर पाता। कई बार इस गड़बड़ी की जानकारी प्रवेशपत्र जारी होने के बाद मिलती है। इसलिए सही पंजीयन संख्या का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
धनबाद में हजारों विद्यार्थियों से जुड़ी प्रक्रिया
वर्ष 2026 में धनबाद से मैट्रिक परीक्षा में 25,824 और इंटरमीडिएट में 22,433 विद्यार्थी शामिल हुए थे। शिक्षा विभाग ने आगामी परीक्षा में भी लगभग इतनी ही संख्या रहने की संभावना जताई है। ऐसे में संस्थानों के लिए समय रहते फॉर्म उपलब्ध कराना और विवरणों की जांच पूरी करना महत्वपूर्ण होगा। विद्यार्थियों को भी आवेदन में दर्ज जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए, ताकि छोटी गलती उनकी परीक्षा की तैयारी और पूरे शैक्षणिक वर्ष को प्रभावित न करे।












