
चक्रधरपुर : करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के लिए रोज की परेशानी बन गई है। पदमपुर पंचायत में सौंगरा रोड से सानीपदमपुर गांव तक जाने वाले इस मार्ग को बनवाने की मांग ग्रामीण लगभग 20 वर्षों से कर रहे हैं। इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हुई है। करीब दो हजार लोग खराब सड़क और जर्जर पुलियों के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं।
गड्ढों के बीच गुजर रही ग्रामीणों की जिंदगी
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है। जगह-जगह गड्ढे होने से पैदल चलना भी कठिन हो गया है। दोपहिया और अन्य वाहनों को निकालने में भी परेशानी होती है। बाजार जाने, रोजगार और दूसरे जरूरी कामों के लिए लोगों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग बार-बार उठाई गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला। लंबे इंतजार के कारण ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क बनवाने की मांग की है।
बारिश में बढ़ जाती है आवाजाही की परेशानी
बरसात के दिनों में इस मार्ग की स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क पर कीचड़ जमा होने से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए घर से निकलने वाले लोगों को खराब रास्ते से जूझना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, आसपास के कई गांवों की आवाजाही इस सड़क पर निर्भर है। इसलिए इसकी बदहाली का असर बड़ी आबादी पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क दुरुस्त होने से दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने में काफी राहत मिलेगी।
जर्जर पुलियों से दुर्घटना की आशंका
मार्ग पर बनी तीन पुलियों की हालत भी खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, इनमें दरारें पड़ गई हैं और कंक्रीट झड़ने लगी है। लगातार बिगड़ती स्थिति के कारण वाहनों का गुजरना जोखिम भरा हो रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो दुर्घटना हो सकती है। खासकर भारी वाहनों के गुजरने के दौरान चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के साथ पुलियों की मरम्मत कराने की मांग भी उठाई है, ताकि मार्ग पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
पेयजल और जलनिकासी की भी मांग
सड़क और पुलियों के अलावा ग्रामीण पेयजल तथा नाली की समस्या से भी परेशान हैं। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से रोज कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण, पुलिया मरम्मत, पेयजल व्यवस्था और जलनिकासी की समस्याओं को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि लंबे समय से जारी परेशानी दूर करने के लिए अब ठोस पहल की जरूरत है।












