
जमशेदपुर : बिजली कटौती और बढ़ते बिल की परेशानी अब सास-बहू की कहानी के जरिए लोगों तक पहुंचेगी। टाटा पावर ने रूफटॉप सोलर को लेकर ‘तेरी छत, मेरी छत!’ नाम से छह एपिसोड की माइक्रो ड्रामा सीरीज लॉन्च की है। खास बात यह है कि इस सीरीज में सोलर एनर्जी जैसे तकनीकी विषय को पारिवारिक रिश्तों, घरेलू नोकझोंक और हास्य के माध्यम से समझाने की कोशिश की गई है।
वर्क फ्रॉम होम की नौकरी बनी कहानी की वजह
कहानी सिंह परिवार के बेटे राघव से शुरू होती है, जिसे हाल ही में वर्क फ्रॉम होम की नौकरी मिली है। लेकिन बार-बार बिजली कटने और अनियमित आपूर्ति के कारण उसके काम पर असर पड़ने का खतरा है। इससे परेशान परिवार छत पर सोलर पैनल लगाने का फैसला करता है, ताकि बिजली की नियमित उपलब्धता के साथ बढ़ते बिजली बिल से भी राहत मिल सके।
सोलर लगाने के लिए सास-बहू को भूलना होगा झगड़ा
कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब संयुक्त परिवार की छत के बीच दीवार होने के कारण सोलर पैनल लगाने की योजना में दोनों घरों की भागीदारी जरूरी हो जाती है। ऐसे में परिवार की दो बहुओं पुष्पा और कमला को अपने मतभेद भुलाकर साथ आना पड़ता है।
बारिश, बैटरी और बिजली बिल पर भी मिलेगी जानकारी
सीरीज में रूफटॉप सोलर से जुड़े आम सवालों को भी शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि मानसून के दौरान तेज बारिश और तूफान में सोलर पैनल कितने टिकाऊ होते हैं, बैटरी स्टोरेज की क्या भूमिका है और सोलर लगाने से बिजली बिल में कितनी बचत हो सकती है।
17 मिनट की सीरीज, छह एपिसोड
टाटा पावर की यह सीरीज 29 अक्टूबर 2026 को लॉन्च हुई है। इसके छह एपिसोड हैं और प्रत्येक एपिसोड की अवधि औसतन तीन मिनट है। पूरी सीरीज करीब 17 मिनट की है। इसे फेसबुक, यूट्यूब शॉर्ट्स और इंस्टाग्राम पर देखा जा सकता है। इसके अलावा टाटा पावर के ‘घर-घर सोलर’ फेसबुक कम्युनिटी में भी उपलब्ध है।
5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन
कंपनी के अनुसार, टाटा पावर सोलारूफ के तहत देश के 550 से अधिक शहरों और क्षेत्रों में पांच लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 5.6 गीगावाट पीक (GWp) से अधिक है।
टाटा पावर की चीफ कॉरपोरेट कम्युनिकेशन एंड ब्रांडिंग ज्योति कुमार बंसल के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य रूफटॉप सोलर को तकनीकी विषय के बजाय आम परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना है। सीरीज को बीसी वेबवाइज ने विकसित किया है, जबकि इसका निर्देशन रुखसाना तबस्सुम ने किया है।












