
मधुपुर (देवघर) : शिक्षा के क्षेत्र में मधुपुर की मधुस्थली विद्यापीठ ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026–27 में विद्यालय को डे-कम-बोर्डिंग स्कूल श्रेणी में झारखंड में पहला और देश में 18वां स्थान मिला है। पिछले वर्ष राज्य में दूसरे पायदान पर रहे विद्यालय ने इस बार अपनी स्थिति बेहतर करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि विद्यालय के साथ मधुपुर और देवघर के लिए भी गर्व का अवसर बनी है।
नई दिल्ली में मिला सम्मान
इस सफलता के लिए नई दिल्ली में आयोजित समारोह में विद्यालय को सम्मानित किया गया। उत्तर-पूर्व दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने विद्यालय के प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किया। मधुस्थली विद्यापीठ के चेयरमैन किशन कुमार केजरीवाल और सीईओ डॉ. जनार्दन घोष ने संयुक्त रूप से यह सम्मान ग्रहण किया। समारोह में मिला पुरस्कार विद्यालय की इस वर्ष की रैंकिंग उपलब्धि से जुड़ा है। राज्य में पहला स्थान हासिल करने के साथ राष्ट्रीय सूची में 18वें पायदान पर पहुंचना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यालय ने डे-कम-बोर्डिंग श्रेणी में यह स्थान प्राप्त किया है।
राष्ट्रीय सर्वेक्षण में मिली पहचान
एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2026–27 के सर्वेक्षण में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों ने हिस्सा लिया। इसके साथ भारतीय शैक्षणिक बोर्डों से संबद्ध विदेशों में संचालित स्कूल भी शामिल रहे। इसी व्यापक सर्वेक्षण के अंतर्गत जारी डे-कम-बोर्डिंग स्कूल श्रेणी की सूची में मधुस्थली विद्यापीठ ने अपनी जगह बनाई। विद्यालय की इस उपलब्धि का खास पहलू राज्य स्तर पर उसकी रैंकिंग में आया सुधार है। पिछले वर्ष दूसरे स्थान पर रहने के बाद इस बार पहले स्थान तक पहुंचने से उसके प्रदर्शन में प्रगति दर्ज हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला स्थान इस सफलता को और महत्वपूर्ण बनाता है।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत को दिया श्रेय
चेयरमैन किशन कुमार केजरीवाल ने इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त करना सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार, शिक्षकों का समर्पण, कर्मचारियों की निष्ठा, विद्यार्थियों का अथक परिश्रम और अभिभावकों का भरोसा इस सफलता के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने पिछले वर्ष की रैंकिंग का उल्लेख करते हुए बताया कि दूसरे स्थान से पहले पायदान तक का सफर विद्यालय परिवार के सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने उपलब्धि का श्रेय किसी एक व्यक्ति तक सीमित रखने के बजाय इससे जुड़े सभी लोगों को दिया।
विद्यालय परिवार के लिए खास उपलब्धि
मधुस्थली विद्यापीठ के लिए यह सम्मान राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान को सामने लाता है। नई दिल्ली के समारोह में पुरस्कार ग्रहण करने के साथ विद्यालय की सफलता को औपचारिक सम्मान भी मिला। झारखंड में पहला और देश में 18वां स्थान विद्यालय की इस वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हो गया है।












