
नई दिल्ली : ऑनलाइन खरीदारी, ईमेल, खबरें पढ़ने और फाइल डाउनलोड करने के दौरान किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना परेशानी का कारण बन सकता है। असली जैसी दिखने वाली वेबसाइटें लोगों को धोखे में डालकर पासवर्ड और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करती हैं। ऐसे खतरों से बचाव में Google Chrome का Enhanced Protection फीचर मदद कर सकता है। यह संदिग्ध वेबसाइटों, नुकसानदेह डाउनलोड और खतरनाक एक्सटेंशन के बारे में चेतावनी देने के लिए बनाया गया है।
क्या काम करता है Enhanced Protection?
Chrome में Safe Browsing के अंतर्गत सुरक्षा के अलग-अलग विकल्प मिलते हैं। सामान्य तौर पर Standard Protection पहले से चालू रहता है। Enhanced Protection चुनने पर ब्राउजर को संभावित नए खतरों की पहचान करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएँ मिलती हैं। Google के मुताबिक, यह उन संदिग्ध वेबसाइटों, डाउनलोड और एक्सटेंशन को लेकर भी अलर्ट दे सकता है, जिनके खतरनाक होने की जानकारी पहले उपलब्ध नहीं थी। डेटा लीक में सामने आए पासवर्ड के इस्तेमाल पर भी चेतावनी मिल सकती है। हालांकि, इसे हर ऑनलाइन खतरे से बचाने की सौ फीसदी गारंटी नहीं समझना चाहिए।
कंप्यूटर और लैपटॉप में ऐसे करें चालू
डेस्कटॉप या लैपटॉप पर सबसे पहले Google Chrome खोलें। इसके बाद ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट वाले मेन्यू पर क्लिक करके Settings में जाएँ। अब Privacy and security खोलें और Security विकल्प चुनें। यहाँ Safe Browsing के अंतर्गत Enhanced protection पर क्लिक करें। इस तरह ब्राउजर में अतिरिक्त सुरक्षा वाला विकल्प सक्रिय किया जा सकता है।
एंड्रॉयड मोबाइल पर भी आसान है तरीका
एंड्रॉयड फोन या टैबलेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स Chrome ऐप खोलकर तीन डॉट वाले मेन्यू में जाएँ। वहाँ Settings चुनें और फिर Privacy and security पर टैप करें। इसके बाद Safe Browsing खोलें और Enhanced protection का चयन करें। मोबाइल पर सेटिंग बदलते समय स्क्रीन पर दिखाई गई जानकारी पढ़ लें, ताकि चुने गए सुरक्षा विकल्प की कार्यप्रणाली समझ में आ सके।
सुरक्षा के साथ प्राइवेसी की जानकारी भी समझें
Enhanced Protection चालू करने पर सुरक्षा जाँच के लिए Google को अतिरिक्त ब्राउजिंग जानकारी भेजी जाती है। इसमें देखी गई वेबसाइटों के पते, पेज की कुछ सामग्री, एक्सटेंशन की गतिविधि और सिस्टम संबंधी जानकारी शामिल हो सकती है। संदिग्ध डाउनलोड की अतिरिक्त जाँच के लिए फाइल Google को भेजने का विकल्प भी मिल सकता है। इसलिए फीचर सक्रिय करने से पहले उससे जुड़ी प्राइवेसी जानकारी समझना उपयोगी है। यूजर अपनी जरूरत के अनुसार Safe Browsing का स्तर चुन सकते हैं।
चेतावनी मिलने पर बरतें सावधानी
Chrome किसी वेबसाइट को खतरनाक बताए तो चेतावनी को नजरअंदाज करके आगे बढ़ने से बचें। ऐसी वेबसाइट पर पासवर्ड या निजी जानकारी दर्ज करना जोखिम बढ़ा सकता है। संदिग्ध डाउनलोड के मामले में भी सावधानी जरूरी है। Enhanced Protection सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत देता है, लेकिन ब्राउजर के अलर्ट पर ध्यान देना उतना ही आवश्यक है।












