
रांची : रांची से पटना की यात्रा के दौरान लापता हुए जन सुराज पार्टी के डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर देवपालिक गुप्ता का शव झारखंड के अनगड़ा–बरवाडीह क्षेत्र के जंगल में मिलने की खबर सामने आई है। करीब 31 वर्षीय देवपालिक प्रशांत किशोर की पार्टी में डिजिटल संचार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी मौत की सूचना से परिजनों, मित्रों और पार्टी से जुड़े लोगों में शोक है। घटना के बाद उनके सहयोगियों ने तलाश और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मौत कैसे हुई और यात्रा के दौरान वह जंगल तक कैसे पहुंचे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इन सवालों के जवाब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है।
खाना मंगाने निकले, फिर सीट पर नहीं लौटे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवपालिक अपने सहकर्मियों के साथ रांची से पटना जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उनके लिए सी-2 कोच में सीट संख्या 50 आरक्षित थी। सफर शुरू होने के कुछ समय बाद वह खाना ऑर्डर करने के लिए पैंट्री कार की ओर गए, लेकिन वापस अपनी सीट पर नहीं पहुंचे। साथियों ने पहले ट्रेन में उनकी तलाश की। काफी देर तक पता नहीं चलने पर मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और सहयोगियों ने रेलवे की सहायता व्यवस्था से संपर्क किया।
मदद मांगने पर भटकाने का आरोप
देवपालिक के साथियों का आरोप है कि मुरी और बोकारो में रेलवे सुरक्षा बल तथा ‘रेल मदद’ से संपर्क करने के बावजूद समय पर प्रभावी सहायता नहीं मिली। उनका कहना है कि शिकायत किस थाने के अधिकार क्षेत्र में आएगी, इसी सवाल पर उन्हें अलग-अलग जगह भेजा गया। सहयोगियों के मुताबिक, काफी प्रयास के बाद घटना की सूचना देने के लगभग छह घंटे बाद प्राथमिकी दर्ज हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संभावित जंगल क्षेत्र में तत्काल खोज अभियान चलाने की मांग पर तत्परता नहीं दिखाई गई। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
जंगल में शव मिलने से गहराया मामला
बाद में अनगड़ा–बरवाडीह क्षेत्र के जंगल और झाड़ियों के बीच एक शव मिलने की जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, छानबीन के बाद उसकी पहचान देवपालिक गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पंचनामा तथा पोस्टमार्टम के लिए शव को रिम्स, रांची भेजने की प्रक्रिया शुरू की। फिलहाल मौत के कारण को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए इसे हत्या या दुर्घटना बताना जल्दबाजी होगी।
पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद संभाली डिजिटल जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर क्षेत्र से जुड़े देवपालिक ने दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह जन सुराज में डिजिटल कम्युनिकेशन मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। उनकी मौत के बाद सहयोगियों ने घटनाक्रम की स्पष्ट जांच और जवाबदेही की मांग उठाई है। अब जांच में उनके लापता होने से लेकर शव मिलने तक की कड़ियों को जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।












