
- न्यूनतम मजदूरी, वेतन वृद्धि और ओवरटाइम का दोगुना भुगतान करने की मांग
- JLKM नेता प्रेम मार्डी ने दिया समर्थन, मांगें नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को मजदूरों का आक्रोश देखने को मिला। रामकृष्णा कास्टिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड की यूनिट-9 में नौ सूत्री मांगों को लेकर मजदूरों ने काम बंद कर दिया और कंपनी के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही सैकड़ों मजदूर मांग पत्र लेकर गेट पर जुट गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
न्यूनतम मजदूरी से लेकर वेतन वृद्धि तक की मांग
मजदूरों की प्रमुख मांगों में सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी लागू करना, वार्षिक वेतन वृद्धि और ओवरटाइम के बदले दोगुनी मजदूरी का भुगतान शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय अवकाश के दिन काम कराने पर दोगुना वेतन देने की मांग भी उठाई गई।
मजदूरों का कहना है कि ठेका कर्मचारियों को प्रत्येक महीने की सात तारीख तक वेतन मिलना चाहिए। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि उन्हें भुगतान का पूरा ब्योरा मिल सके।
बिना नोटिस नौकरी से हटाने का भी विरोध
मजदूरों ने बिना उचित कारण नौकरी से हटाने पर रोक लगाने और किसी कर्मचारी को काम से हटाने से पहले नोटिस देने की मांग की है। इसके अलावा नौकरी छूटने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने तथा कंपनी परिसर में आने-जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
मजदूरों ने प्रबंधन को अपना मांग पत्र सौंपते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
प्रेम मार्डी ने दिया मजदूरों को समर्थन
धरना-प्रदर्शन के दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के पूर्व सरायकेला विधानसभा प्रत्याशी प्रेम मार्डी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं पर कंपनी प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए और उचित समाधान निकालना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नौ सूत्री मांगों को लेकर मजदूरों का विरोध जारी है। फिलहाल कंपनी प्रबंधन और मजदूरों के बीच वार्ता का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।












