
जमशेदपुर : औद्योगिक शहर जमशेदपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों के समन्वित विकास को लेकर महानगरपालिका बनाने की मांग एक बार फिर उठी है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से दिसंबर में होने वाले विधानसभा सत्र से पहले इस संबंध में अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के अनुरूप महानगर योजना समिति का गठन कर क्षेत्र के विकास की एकीकृत रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए। यदि सरकार निर्धारित समय तक निर्णय नहीं लेती है, तो वह विधानसभा में इस मुद्दे को फिर उठाएंगे।
अलग-अलग निकायों की योजनाओं में समन्वय पर जोर
सरयू राय के मुताबिक, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद, आदित्यपुर नगर निगम और आसपास के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों को एकीकृत विकास योजना के दायरे में लाने की जरूरत है। बागबेड़ा, सुंदरनगर और गोविंदपुर जैसे क्षेत्रों को भी इस योजना से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
उनका कहना है कि इन क्षेत्रों के बीच भौगोलिक निकटता और नागरिक सुविधाओं की साझा जरूरतों को देखते हुए विकास की अलग-अलग योजनाओं के बजाय समन्वित व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। इससे आधारभूत संरचना के विकास और नागरिक सुविधाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था पर फोकस
विधायक ने महानगर योजना समिति के गठन को पेयजल, बिजली, सफाई, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की संयुक्त योजना से जोड़ते हुए इसकी आवश्यकता बताई। उनके अनुसार, क्षेत्र के विकास की योजना बनाते समय प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण में सुधार और आधारभूत संरचना के विस्तार को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
महानगर योजना समिति के माध्यम से संबंधित नगर निकायों और पंचायतों की विकास योजनाओं के बीच तालमेल स्थापित करने का प्रावधान है। इससे क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिल सकती है।
2022 में विधानसभा में उठाया था मुद्दा
सरयू राय ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उन्होंने 5 अगस्त 2022 को विधानसभा में इस विषय पर गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत किया था। उस समय सरकार ने अपने जवाब में संविधान के अनुच्छेद 243ZE के तहत महानगर योजना समिति के गठन के प्रावधान का उल्लेख किया था।
सरकार ने जमशेदपुर और आसपास के नगर निकायों तथा क्षेत्रों को शामिल कर ऐसी समिति गठित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की थी। हालांकि, उस समय संबंधित नगर निकायों में निर्वाचित बोर्ड नहीं होने और आदित्यपुर नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने की आगामी स्थिति जैसी प्रशासनिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए सरकार ने कहा था कि समिति के गठन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
अब बदली परिस्थितियों का दिया हवाला
सरयू राय का कहना है कि अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। उनके मुताबिक, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद, आदित्यपुर नगर निगम और कपाली नगर परिषद के चुनाव हो चुके हैं। वहीं, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के स्थान पर औद्योगिक समिति गठित करने का आदेश जारी किया गया है।
उन्होंने इन बदलावों के आधार पर महानगरपालिका की दिशा में आगे बढ़ने और महानगर योजना समिति के गठन पर निर्णय लेने का आग्रह किया है। हालांकि, महानगरपालिका के गठन और महानगर योजना समिति की स्थापना के लिए जरूरी अलग-अलग कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
दिसंबर के विधानसभा सत्र से पहले निर्णय लेने की मांग
सरयू राय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास मुख्यमंत्री के साथ-साथ नगर विकास मंत्री का दायित्व भी है। ऐसे में उन्होंने इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने और दिसंबर में विधानसभा के आगामी सत्र से पहले अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया, तो वह विधानसभा में दोबारा इस मुद्दे को उठाएंगे। अब इस मांग पर राज्य सरकार का रुख और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।












