
- डोर-टू-डोर सर्वे से लेकर फॉगिंग तक अभियान तेज, 212 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित; कंपनी ने लोगों से हर सप्ताह 10 मिनट घरों की जांच करने की अपील की
जमशेदपुर : डेंगू के खतरे को कम करने के लिए टाटा स्टील ने जमशेदपुर में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। टाटा स्टील यूआईएसएल के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान में घर-घर सर्वेक्षण, जलजमाव वाले स्थानों की पहचान, फॉगिंग और जागरूकता कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इस सीजन में अब तक 4.89 लाख से अधिक घरों का सर्वे किया जा चुका है। इस दौरान मच्छरों के पनपने के 26 हजार से अधिक स्रोतों को नष्ट किया गया है।
4.89 लाख घरों तक पहुंचीं टीमें, 26 हजार से अधिक स्रोत नष्ट
टाटा स्टील की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत अब तक 4,89,601 घरों का निरीक्षण किया गया है। इस दौरान घरों के भीतर मच्छरों के प्रजनन के 14,193 और बाहरी हिस्सों में 11,855 स्रोतों को नष्ट किया गया। इस तरह कुल 26,048 संभावित प्रजनन स्थलों को खत्म किया गया है।
सर्वे के दौरान टीमों ने लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने, पानी के बर्तनों को ढककर रखने और अनुपयोगी सामान को हटाने के बारे में भी जानकारी दी। अभियान का उद्देश्य मच्छरों को पनपने से पहले ही रोकना है।
सितंबर में हाउस इंडेक्स घटकर 2.4 पर पहुंचा
डेंगू नियंत्रण अभियान के प्रभाव को मापने के लिए हाउस इंडेक्स यानी घरों में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। कंपनी के अनुसार, अप्रैल से सितंबर तक औसत हाउस इंडेक्स 2.7 रहा, जबकि सितंबर में यह घटकर 2.4 पर आ गया।
कंपनी ने इसे लगातार निगरानी और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के प्रयासों का सकारात्मक संकेत बताया है। हालांकि, डेंगू का खतरा पूरी तरह समाप्त मानने के बजाय नियमित जांच और सतर्कता बनाए रखना जरूरी है।
212 जागरूकता कार्यक्रम, स्कूलों में 104 नुक्कड़ नाटक
डेंगू से बचाव के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से टाटा स्टील की ओर से #PaltiMaar3 अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों और विभिन्न समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 212 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। स्कूलों में 104 नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बच्चों को डेंगू से बचाव के तरीके बताए गए हैं। इसके अलावा, फील्ड टीमों ने घर-घर जाकर 4.40 लाख से अधिक स्वास्थ्य संबंधी संवाद किए हैं।
बच्चों को बनाया जा रहा डेंगू से बचाव का संदेशवाहक
स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान करने और अपने परिवार के सदस्यों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक, संवाद और अन्य गतिविधियों के जरिए उन्हें बताया जा रहा है कि घरों में पानी जमा होने से रोकना डेंगू नियंत्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस पहल के जरिए बच्चों को अपने आसपास स्वच्छता और नियमित जांच की आदत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
92 विशेष वाहनों से जागरूकता और सफाई अभियान
डेंगू के मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल के सेवा क्षेत्र में 92 आईईसी वैन-कम-कंटेनर कलेक्शन अभियान चलाए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ बेकार टायर, डिब्बे और ऐसे अन्य सामान एकत्र किए जाते हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा हो सकता है।
ऐसे सामान में पानी जमा होने पर मच्छरों के प्रजनन की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए अभियान में जागरूकता के साथ संभावित स्रोतों को हटाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
2,115 नोटिस जारी, 2,654 मामले जेएनएसी को भेजे
डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत निगरानी के साथ नियमों के पालन पर भी जोर दिया जा रहा है। टाटा स्टील के अनुसार, मच्छरों के प्रजनन से जुड़ी 2,654 घटनाओं की जानकारी उचित कार्रवाई के लिए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) को दी गई है। वहीं, जिन घरों और परिसरों में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति मिली, वहां 2,115 नोटिस जारी किए गए हैं।
कंपनी का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और पानी जमा होने से रोकने के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
9 सितंबर तक जिले में डेंगू के 21 मामले
कंपनी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 तक जमशेदपुर जिले में डेंगू के 21 पुष्ट मामले सामने आए थे। इनमें से नौ मामले टाटा स्टील यूआईएसएल के सेवा क्षेत्र के थे।
किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संबंधित इलाके में निगरानी बढ़ाने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, जागरूकता अभियान चलाने और फॉगिंग कराने की व्यवस्था की जाती है, ताकि संक्रमण के आगे फैलने की आशंका को कम किया जा सके।
केवल फॉगिंग से नहीं रुकेगा डेंगू
डेंगू नियंत्रण के लिए फॉगिंग को जरूरी कदमों में शामिल किया गया है, खासकर उन इलाकों में जहां मरीज मिलते हैं। हालांकि, केवल फॉगिंग के भरोसे डेंगू पर नियंत्रण संभव नहीं है। एडीज मच्छर घरों के अंदर और आसपास रखे छोटे बर्तनों, कूलर, गमलों, पुराने टायरों और अन्य पानी जमा करने वाली वस्तुओं में पनप सकते हैं।
इसलिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करना, उन्हें नष्ट करना और दोबारा पानी जमा नहीं होने देना सबसे महत्वपूर्ण है।
हर सप्ताह सिर्फ 10 मिनट दें, डेंगू से बचाव में मिलेगी मदद
टाटा स्टील ने शहरवासियों से अपील की है कि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम 10 मिनट अपने घर और आसपास की जांच के लिए निकालें। पानी की टंकियों, कूलर, फूलों के गमलों, छतों, पुराने टायरों और बेकार पड़े बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
कंपनी के अनुसार, डेंगू से बचाव के लिए प्रशासनिक और संस्थागत प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। यदि प्रत्येक परिवार नियमित रूप से अपने घर की जांच करे, तो मच्छरों के प्रजनन को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
टाटा स्टील ने अपने संदेश में कहा है कि हर सप्ताह 10 मिनट निकालकर जांच करें, सफाई रखें और पानी जमा होने से रोकें। कंपनी का लक्ष्य टाटा स्टील यूआईएसएल, स्थानीय निकायों, स्कूलों और नागरिकों के सहयोग से डेंगू की रोकथाम के प्रयासों को और मजबूत करना है।












