
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम में वर्षों से लंबित विकास योजनाओं को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन ने कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 और उससे पहले स्वीकृत कुछ योजनाओं के अब तक अधूरे रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। संबंधित एजेंसियों से कहा गया कि योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराकर उन्हें पूरा करें। जहां कार्य पूर्ण नहीं हो सके हैं, वहां देरी के कारणों सहित विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाए। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में जिला योजना, जिला विकास, ग्रामीण विकास, नीति आयोग तथा सांसद-विधायक मद से संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें निर्माण की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया गया।
निर्माण का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ आम नागरिकों को समय पर मिले। संबंधित पदाधिकारियों को स्वीकृत कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखने और तय समयसीमा के अनुसार काम पूरा कराने को कहा गया। जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है, उनकी बाधाओं की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पूर्ण हो चुकी योजनाओं से जुड़ी शेष प्रक्रियाओं को भी पूरा करने पर जोर रहा, ताकि प्रशासनिक स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं हो।
सड़क से स्कूल तक के कार्यों की पड़ताल
बैठक में ग्रामीण सड़क, पुल-पुलिया, पीसीसी पथ, पहुंच पथ और कल्वर्ट निर्माण की स्थिति की जानकारी ली गई। सामुदायिक भवनों, पेयजल एवं जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े कार्यों की प्रगति भी समीक्षा के दायरे में रही। इसके अलावा विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और रसोईघर निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र भवन तथा स्वास्थ्य केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों से इन कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराने को कहा गया।
अधिकारी खुद पहुंचें कार्यस्थल, जांचें गुणवत्ता
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का हर हाल में पालन कराया जाए। काम की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच भी जरूरी है। संबंधित पदाधिकारी स्वयं स्थल निरीक्षण करें और सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर कराएं। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा और निगरानी को प्राथमिकता देने को कहा। कार्यों में लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता नहीं होने देने की जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारियों को सौंपी गई।
लापरवाही पर संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश
अनावश्यक विलंब, तकनीकी मानकों के उल्लंघन या लापरवाही की स्थिति में संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, निदेशक एनईपी राजेश कुमार, जिला योजना पदाधिकारी सहित एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, जिला परिषद तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।












