आदरडीह स्थित SM Steel परिसर के पास छापेमारी, प्रशासन को देखते ही वाहन छोड़कर फरार हुए चालक- ओवरलोड बालू ढुलाई से ग्रामीणों में आक्रोश, वार्ड सदस्य की मौत के बाद उठी थी बालू परिवहन पर रोक लगाने की मांग
सरायकेला-खरसावां : स्वर्णरेखा नदी से बालू खनन और ओवरलोड परिवहन को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नीमडीह के अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी के नेतृत्व में 25 अक्टूबर की सुबह तिरुलडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह स्थित SM Steel परिसर और उसके आसपास छापेमारी की गई। इस दौरान बालू लदे छह हाइवा जब्त किए गए। प्रशासन की टीम को देखते ही सभी वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए। अब खनन विभाग की जांच में पता लगाया जाएगा कि बालू कहां से लाया गया था और वाहनों के चालान वैध थे या नहीं।
300 CFT के चालान पर 700-800 CFT बालू लोड करने का आरोप
अंचल अधिकारी कार्यालय, नीमडीह की ओर से जिला खनन पदाधिकारी को भेजे गए पत्र के अनुसार, गश्ती के दौरान आदरडीह स्थित SM Steel परिसर के पास बालू लदे वाहनों की जांच की गई। जांच में प्रत्येक हाइवा में लगभग 700 CFT बालू लदे होने की बात सामने आई।
अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी ने आरोप लगाया कि 300 CFT के चालान पर 700 से 800 CFT तक बालू की ढुलाई की जा रही थी। उन्होंने कहा कि एक हाइवा में 400 CFT से अधिक बालू नहीं होना चाहिए। इस तरह की ओवरलोडिंग से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के मामलों में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बालू की वास्तविक मात्रा, चालान की वैधता और खनन स्थल की पुष्टि जांच के बाद होगी।
सुरक्षा गार्ड की अभिरक्षा में रखे गए जब्त हाइवा
छापेमारी के दौरान चालकों के फरार होने के बाद प्रशासन ने छह हाइवा को जब्त कर लिया। वाहनों को SM Steel परिसर के सुरक्षा गार्ड की अभिरक्षा में रखा गया और नीमडीह थाना प्रभारी को सुपुर्द किया गया। सुरक्षा गार्ड से इसकी प्राप्ति रसीद भी ली गई।
अंचल कार्यालय की ओर से मामले की सूचना जिला खनन पदाधिकारी को भेज दी गई है। अब खनन विभाग की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन छह हाइवा को किया गया जब्त
प्रशासन की कार्रवाई में जब्त वाहनों के नंबर इस प्रकार हैं।
1. BR08G5632
2. CG12S6101
3. JH16A9226
4. JH02AE2434
5. JH01AX4189
6. JH02AK2631
रात-दिन बालू ढुलाई से परेशान ग्रामीण, कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुसार, आसपास की सड़कों पर दिन-रात बड़ी संख्या में डंपर और हाइवा से बालू की ढुलाई होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है। रात में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से भी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने बालू ढुलाई पर निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वार्ड सदस्य की मौत के बाद बालू ढुलाई पर उठे सवाल
गौरतलब है कि एक दिन पहले कुकड़ू-चौकेगड़िया चौक के पास हुए सड़क हादसे में छोटा लापांग के वार्ड सदस्य मनोरंजन महतो की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर बालू ढुलाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, वार्ड सदस्य की मौत और जब्त किए गए हाइवा के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
अब खनन विभाग की जांच पर टिकी नजरें
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब कई सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। बालू किस घाट से निकाला गया था? क्या वाहनों के पास वैध चालान थे? चालान में दर्ज मात्रा और वास्तविक लोडिंग में कितना अंतर था? क्या खनन और परिवहन के नियमों का उल्लंघन किया गया?
इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल छह हाइवा की जब्ती के बाद क्षेत्र में बालू के अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार है।












