
पलामू : खेत की जुताई करने पहुंचे एक युवक के साथ जमीन के हक को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई। घटना पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित जमुने गांव की है। यहां भारतीय स्टेट बैंक के कर्मी बताए गए 22 वर्षीय बारिश विश्वकर्मा पर धारदार कुदाल से हमला करने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल युवक को परिजन मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
जमीन पर हक जताने से शुरू हुई कहासुनी
घायल बारिश विश्वकर्मा ने बताया कि रविवार की सुबह वह अपने खेत की जुताई करने गया था। इसी दौरान गांव का विनय प्रजापति वहां पहुंचा और संबंधित जमीन पर अपना अधिकार जताने लगा। जमीन को लेकर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई। बारिश के अनुसार, उसने जिस खेत में जुताई शुरू की थी, उसी पर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। उपलब्ध जानकारी में जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों अथवा विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि का विवरण सामने नहीं आया है।
विवाद बढ़ने पर कुदाल से वार करने का आरोप
बारिश का आरोप है कि कहासुनी के दौरान विनय प्रजापति ने उस पर धारदार कुदाल से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। खेत में जुताई के दौरान हुई इस घटना के बाद उसकी तत्काल चिकित्सा की जरूरत पड़ी। घायल युवक जमुने गांव निवासी जोगेंद्र विश्वकर्मा का पुत्र है। खबर में उसे भारतीय स्टेट बैंक का कर्मचारी बताया गया है। हालांकि घटना बैंक के कामकाज से संबंधित नहीं, बल्कि खेत की जमीन पर अधिकार जताने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी बताई गई है।
परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, कराया उपचार
घटना के बाद परिजन बारिश को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। इलाज के बाद उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में चोटों की विस्तृत चिकित्सकीय रिपोर्ट का उल्लेख नहीं है। परिजनों की प्राथमिकता घायल युवक को समय पर अस्पताल पहुंचाना रही। गंभीर हालत में लाए जाने के बाद उपचार से उसकी स्थिति संभलने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद गांव में तनाव, दूसरे पक्ष का बयान बाकी
जमीन विवाद में मारपीट के बाद जमुने गांव में तनाव की स्थिति बताई गई है। मामले में सामने आया घटनाक्रम मुख्य रूप से घायल बारिश विश्वकर्मा के बयान पर आधारित है। विनय प्रजापति का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। साथ ही प्राथमिकी, गिरफ्तारी या पुलिस कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में हमले के आरोप और जमीन पर अधिकार से जुड़े दावों की स्थिति संबंधित पक्षों के बयान तथा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।












