
जमशेदपुर : मुंबई रिफाइनरी की नई परियोजना को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए टाटा पावर और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत 110 केवी बिजली ढांचा विकसित किया जाएगा। इससे बीपीसीएल की पेट्रो रेसिड फ्लुइडाइज्ड कैटेलिटिक क्रैकिंग यूनिट (पीआरएफसीसीयू) परियोजना की 90 मेगावाट बिजली जरूरत पूरी करने की व्यवस्था होगी। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस पहल से रिफाइनरी परियोजना को बिजली कनेक्टिविटी मिलने के साथ ट्रॉम्बे क्षेत्र का पारेषण नेटवर्क भी मजबूत होगा। यहां बड़े उद्योगों और अधिक बिजली खपत वाली अन्य गतिविधियों की संभावित मांग को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।
करीब 24 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
समझौते के अंतर्गत टाटा पावर 110 केवी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। इसके लिए जरूरी बिजली ढांचे की डिजाइन और विकास का काम भी कंपनी करेगी। योजना में बिजली संपर्क और पारेषण सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। इस विकास कार्य पर टाटा पावर और बीपीसीएल का संयुक्त अनुमानित खर्च करीब 250 करोड़ रुपये होगा। इसे लगभग 24 महीने में पूरा करने की परिकल्पना है। हालांकि, समयसीमा और क्रियान्वयन संबंधित मंजूरियों तथा परियोजना के निर्धारित चरणों की प्रगति पर निर्भर करेंगे। यह राशि बिजली ढांचे के लिए है, जबकि रिफाइनरी की मुख्य परियोजना का निवेश इससे अलग है।
₹14,203 करोड़ की परियोजना को मिलेगी ऊर्जा
बीपीसीएल की पीआरएफसीसीयू परियोजना की प्रस्तावित प्रसंस्करण क्षमता सालाना 30 लाख मीट्रिक टन है। इस पर लगभग 14,203 करोड़ रुपये का निवेश निर्धारित है। कंपनी के मुताबिक, यह मुंबई रिफाइनरी में अब तक शुरू की गई सबसे बड़ी और बीपीसीएल की फिलहाल निर्माणाधीन परियोजनाओं में दूसरी सबसे बड़ी परियोजना है।
बीपीसीएल ने इसे भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना बताया है। इसका उद्देश्य अधिक मूल्य वाले उत्पादों की प्राप्ति बढ़ाना और पेट्रोकेमिकल कारोबार में विविधता लाना है। घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन बढ़ने से देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
ट्रॉम्बे के उद्योगों को भी मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था का दायरा केवल रिफाइनरी की तत्काल बिजली जरूरत तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रॉम्बे जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत होने से भविष्य की बढ़ती मांग संभालने में मदद मिलने की संभावना है। इस तरह यह निवेश लंबी अवधि के औद्योगिक विकास के लिए भी अहम होगा।
पांच वर्षों में 400 केवी सुविधा की योजना
टाटा पावर ने मुंबई के लिए मजबूत और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल बिजली नेटवर्क तैयार करने की दीर्घकालिक योजना भी साझा की है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में ट्रॉम्बे में 400 केवी पारेषण सुविधा विकसित करने की योजना है।
प्रस्तावित विस्तार से बिजली को नेटवर्क में आगे पहुंचाने की क्षमता बढ़ने और मुंबई के औद्योगिक तथा व्यावसायिक क्षेत्रों को विश्वसनीय ग्रिड उपलब्धता में सहयोग मिलने की उम्मीद है।












