
धनबाद : धनबाद मंडल कारा में सोमवार की आधी रात प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की। उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार की अगुवाई में करीब 150 अधिकारियों और जवानों की टीम जेल पहुंची। एक दर्जन थानों की पुलिस, डीएसपी और अंचल अधिकारियों की मौजूदगी में करीब तीन घंटे तक जेल के अलग-अलग वार्डों की तलाशी ली गई। इस दौरान खैनी, ब्लेड समेत कुछ आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।
जेल में औचक जांच के दौरान कैदियों के वार्ड, मेडिकल वार्ड और वहां की व्यवस्थाओं को खंगाला गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से जेल परिसर में हलचल मची रही।
सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर भी खंगाले
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि जेल का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान मेडिकल वार्ड और कैदी वार्ड की जांच के साथ जेल में आने-जाने से संबंधित रजिस्टर भी देखे गए। जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की भी पड़ताल की गई।
डीसी ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच किए जाने की बात भी स्वीकार की। हालांकि, जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने से उन्होंने परहेज किया। छापेमारी का उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था और वहां की गतिविधियों की पड़ताल करना था।
मेडिकल वार्ड में करीब 40 कैदी मिले
जेल के मेडिकल वार्ड में बड़ी संख्या में कैदियों के भर्ती होने का मामला भी सामने आया। उपायुक्त के अनुसार, यहां करीब 40 कैदी मिले। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में कैदियों के मेडिकल वार्ड में रहने पर चिंता जताई।
डीसी ने बताया कि मेडिकल वार्ड में भर्ती कैदियों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम भेजी जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किन कैदियों को वास्तव में इलाज की जरूरत है और किस तरह की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
कैदी वार्ड में बड़ी मात्रा में फल मिलने पर सवाल
छापेमारी के दौरान एक वार्ड में बड़ी मात्रा में खजूर समेत अन्य फल भी मिले। उपायुक्त ने कहा कि कैदी वार्ड में इतनी अधिक मात्रा में फल नहीं होने चाहिए। टीम ने वार्डों में रखे सामान की भी जांच की।
क्षमता से अधिक कैदियों और गुटबाजी की भी पड़ताल
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जेल के एक वार्ड में निर्धारित क्षमता से अधिक कैदियों को रखे जाने और एक ही गुट से जुड़े कैदियों को एक साथ रखने के बिंदु पर भी जांच की गई। उन्होंने इसे नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
जेल में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के साथ संदिग्ध गतिविधियों, कैदियों के ठहरने की व्यवस्था और मेडिकल वार्ड की स्थिति की पड़ताल की गई। अब मेडिकल वार्ड में भर्ती कैदियों की जांच और छापेमारी में मिले सामान को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।












