
रांची : खूबसूरत घाटियों और विशाल जलाशय के लिए मशहूर पतरातू ने राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का गौरव बढ़ाया है। ‘द वीक हेरिटेज अवॉर्ड्स 2026’ में इस पर्यटन स्थल को ‘रिवरसाइड हेरिटेज’ श्रेणी का ‘सिल्वर बनयान अवॉर्ड’ मिला है। यह उपलब्धि राज्य की प्राकृतिक विरासत और पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान देने वाली है। झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। राज्य सरकार की ओर से पर्यटन सचिव मुकेश कुमार और पर्यटन निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा ने सम्मान ग्रहण किया।
देशभर की विरासतों के बीच मिली पहचान
द वीक पत्रिका के हेरिटेज अवॉर्ड्स का यह दूसरा संस्करण था। इसमें देश के ऐसे पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और नई पहलों को सम्मानित किया गया, जो विरासत संरक्षण के साथ पर्यटन तथा स्थानीय विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस वर्ष नौ प्रमुख श्रेणियों में कुल 18 सम्मान दिए गए। इसके अलावा आठ विशेष संपादकीय पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इसी आयोजन में पतरातू को मिली जगह झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए उत्साह बढ़ाने वाली उपलब्धि रही।
जलाशय और घाटियों के साथ सुविधाओं का आकर्षण
पतरातू की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी है। मनोरम घाटियां और जलाशय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ विकसित की गई सुविधाएं यहां आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने में भूमिका निभा रही हैं। विज्ञप्ति के मुताबिक, नौकायन, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और म्यूजिकल फाउंटेन जैसी सुविधाओं ने पतरातू के आकर्षण को बढ़ाया है। रिवरसाइड हेरिटेज श्रेणी में मिला पुरस्कार इसकी पर्यटन पहचान और विकास के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।
पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार पर जोर
राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास को स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जोड़कर आगे बढ़ा रही है। होटल और आतिथ्य सेवाओं, खान-पान, परिवहन तथा स्थानीय उत्पादों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। पतरातू सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, सुविधाओं का विस्तार करने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने को प्राथमिकता दी जा रही है। उद्देश्य पर्यटन के लाभ को आसपास के लोगों तक पहुंचाना भी है।
अन्य पर्यटन स्थलों के विकास को मिलेगा प्रोत्साहन
पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिए विभागीय अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और पतरातू पर्यटन परियोजना से जुड़े सहयोगियों के योगदान की सराहना की। उनके अनुसार, यह सम्मान झारखंड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और विकसित होती पर्यटन सुविधाओं को रेखांकित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों के विकास, सुविधाओं में सुधार और स्थानीय समुदायों की सहभागिता को नई गति मिलेगी।












