
- उपायुक्त राजीव रंजन ने विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी होने के बाद दत्तक मां को सौंपा बच्चा
- पूर्वी सिंहभूम में 1 अप्रैल से अब तक आठ अनाथ बच्चों को मिला दत्तक परिवार
जमशेदपुर : मां का स्नेह, परिवार का संरक्षण और बेहतर भविष्य की उम्मीद। जमशेदपुर के एक अनाथ बच्चे को अब नया परिवार मिल गया है। न्यूजीलैंड की रहने वाली एक महिला ने बच्चे को गोद लिया है। वह एकल अभिभावक के रूप में बच्चे का पालन-पोषण करेंगी। बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने दत्तक ग्रहण की विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उसकी दत्तक मां के सुपुर्द किया।
सोनारी की संस्था में रह रहा था बच्चा
बच्चे को सोनारी स्थित विशेष दत्तक ग्रहण संस्था में आवासित रखा गया था। दत्तक ग्रहण से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताओं और निर्धारित प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उसे नए परिवार को सौंपा गया। इस प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही बच्चे को सुरक्षित और स्थायी पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता
जिला प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाती है। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को परिवार का स्नेह और संरक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इस मामले में न्यूजीलैंड की महिला बच्चे की परवरिश एकल अभिभावक के रूप में करेंगी। हालांकि, बच्चे की उम्र और दत्तक मां की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि से संबंधित जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में साझा नहीं की गई है।
आठ अनाथ बच्चों को मिल चुका है परिवार
जिला प्रशासन के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम में 1 अप्रैल 2026 से अब तक कुल आठ अनाथ बच्चों को दत्तक परिवारों के सुपुर्द किया जा चुका है। प्रशासन की यह पहल बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और स्थायी पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। परिवार का संरक्षण मिलने से बच्चों के समुचित विकास और बेहतर भविष्य के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करने में मदद मिलती है।
बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में पहल
दत्तक ग्रहण केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चे को परिवार और संरक्षण उपलब्ध कराने का माध्यम भी है। जिला प्रशासन का जोर बच्चों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी देखभाल और पुनर्वास सुनिश्चित करने पर है। न्यूजीलैंड की महिला द्वारा बच्चे को गोद लिया जाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन की ओर से निर्धारित कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्चे को दत्तक मां को सौंप दिया गया।












