
- झारखंड कैबिनेट की मंजूरी से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद, भूमिगत पाइपलाइन के जरिए खेतों तक पहुंचेगा चांडिल जलाशय का पानी; धान के साथ रबी और दूसरी फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा।
चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले में स्थित चांडिल डैम के पानी से अब नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के किसानों के खेतों की प्यास बुझाने की उम्मीद जगी है। झारखंड सरकार ने दोनों प्रखंडों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अब बारिश के भरोसे नहीं रहेगी खेती?
नीमडीह और कुकड़ू क्षेत्र में सिंचाई की समुचित व्यवस्था लंबे समय से किसानों की प्रमुख मांग रही है। पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को खेती के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को क्षेत्र की कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
योजना के धरातल पर उतरने से किसानों को धान के साथ रबी और अन्य मौसमी फसलों की खेती के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। सिंचाई सुविधा बढ़ने से कृषि उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन और खेतों तक नियमित पानी पहुंचने पर निर्भर करेगा।
चांडिल डैम से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पहुंचेगा पानी
इस परियोजना के तहत चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के खेतों तक पहुंचाने का प्रस्ताव है। इससे सिंचाई सुविधा का विस्तार होने और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को बारिश पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने पर किसान अपनी जरूरत और मौसम के अनुसार विभिन्न फसलों की खेती कर सकेंगे।
विधायक सविता महतो ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इसे ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विधायक ने उम्मीद जताई कि योजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी और कृषि कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों की मांग को लेकर तीन बार सौंपा गया मांग पत्र
चांडिल जलाशय से नीमडीह और कुकड़ू के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। सरायकेला-खरसावां जिला परिषद की उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने भी योजना को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है।
उन्होंने बताया कि कुकड़ू और नीमडीह प्रखंड के किसानों को चांडिल जलाशय से लिफ्ट सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को तीन बार मांग पत्र सौंपा गया था। उन्होंने इसे क्षेत्र के किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया और उम्मीद जताई कि इससे सिंचाई की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।
अब योजना के धरातल पर उतरने का इंतजार
607 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब किसानों की निगाहें योजना के निर्माण कार्य पर टिकी हैं। परियोजना कब शुरू होगी, पाइपलाइन का विस्तार किस तरह किया जाएगा और खेतों तक पानी कब पहुंचेगा, यह महत्वपूर्ण सवाल हैं।
योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो, सिंचाई का बुनियादी ढांचा प्रभावी ढंग से तैयार किया जाए और किसानों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जाए। यदि परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी होती है, तो नीमडीह और कुकड़ू क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।












