
- हेमंत सोरेन कैबिनेट के बड़े फैसले, राज्य में 7890 चापाकल लगेंगे; गोड्डा में बनेगा पशु आहार कारखाना
- जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल की लागत बढ़ी, झारखंड मेडिको सिटी के लिए भी 284 करोड़ मंजूर
रांची : झारखंड में स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, शिक्षा और सड़क जैसी सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए 607 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं, जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण की संशोधित लागत 545.38 करोड़ रुपये मंजूर की गई है।
कैबिनेट की बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों में विकास योजनाओं, सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभ, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत संरचना से जुड़े कई प्रस्तावों पर मुहर लगी।
नीमडीह-कुकड़ू में सिंचाई के लिए 607 करोड़
सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में सिंचाई की सुविधा बढ़ाने के लिए चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पहुंचाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 607.0332 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विस्तार का रास्ता खुलेगा।
MGM अस्पताल के लिए 545 करोड़ मंजूर
जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल के भवन निर्माण की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 545.38 करोड़ रुपये की लागत मंजूर की गई है। इसके साथ ही झारखंड मेडिको सिटी से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए 284.17 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
राज्य में लगेंगे 7890 चापाकल
पेयजल की समस्या दूर करने के लिए राज्य के 263 प्रखंडों में 7890 चापाकल लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 96.55 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। गर्मी और पेयजल संकट से प्रभावित इलाकों में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गोड्डा में बनेगा पशु आहार कारखाना
झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा। इसकी क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन किया जा सकेगा। परियोजना की अनुमानित लागत 51.49 करोड़ रुपये है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों और छात्रों को भी राहत
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगति, सेवा शर्तों और एसीपी-एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति बनाने की मंजूरी दी। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन संबंधी लाभ देने के लिए भी पूर्व में जारी विभागीय संकल्पों में संशोधन को स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा, राजकीय पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक के छात्रों को इंटर्नशिप प्रशिक्षण देने, सरकारी विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण से जुड़े नियम बनाने तथा राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी लगाने से संबंधित लंबित भुगतान के लिए 1.17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
चाईबासा में बिजली व्यवस्था मजबूत होगी
चाईबासा के 400/200 केवी ग्रिड सब स्टेशन में दो लाइन फीडर बे बनाने के लिए 26.78 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे बिजली व्यवस्था से जुड़ी आधारभूत संरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट ने इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने, आदिवासी बहुल गांवों के बिजली से वंचित टोलों और घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए 184.52 करोड़ रुपये की मंजूरी तथा कई सड़क, जलाशय और कर्मचारी सेवा संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी।












