
जमशेदपुर : तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिले में दो दिनों तक स्कूलों में पठन-पाठन स्थगित रखने का आदेश जारी किया गया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 27 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर 2026 को प्रवेश कक्षा से लेकर बारहवीं तक की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी। यह निर्देश जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों पर लागू होगा। मौसम संबंधी चेतावनी के मद्देनजर विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, आदेश में निजी विद्यालयों की पहले से निर्धारित परीक्षाओं और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर अलग व्यवस्था स्पष्ट की गई है।
ऑरेंज जोन में जिला, मूसलाधार बारिश की आशंका
प्रशासन की विज्ञप्ति के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के पूर्वानुमान में चक्रवात ‘अर्णव’ और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूर्वी सिंहभूम को ऑरेंज जोन की श्रेणी में चिह्नित किए जाने का भी उल्लेख है। जिले में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाया गया है। इसी पूर्वानुमान के आधार पर जिला प्रशासन ने स्कूलों में नियमित पढ़ाई दो दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। आदेश में 28 और 29 अक्टूबर की तारीखें स्पष्ट रूप से दी गई हैं।
प्रवेश कक्षा से बारहवीं तक लागू होगा आदेश
विज्ञप्ति के अनुसार, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। इसके दायरे में जिले के सभी कोटि के विद्यालयों में प्रवेश कक्षा से बारहवीं तक का पठन-पाठन शामिल है।सरकारी विद्यालयों के साथ सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में भी इन दोनों दिनों नियमित कक्षाओं का संचालन स्थगित रहेगा। अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त विद्यालय भी इस व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे। इस तरह आदेश किसी एक बोर्ड अथवा केवल सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं है।
पहले से तय परीक्षाओं पर प्रबंधन ले सकेगा निर्णय
निजी विद्यालयों में यदि पहले से परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो उनके आयोजन को लेकर संबंधित विद्यालय प्रबंधन अपने स्तर पर निर्णय ले सकता है। प्रशासन ने ऐसी परीक्षाओं के लिए प्रबंधन को निर्णय लेने की छूट दी है। इसलिए नियमित कक्षाएं स्थगित होने को सभी निर्धारित परीक्षाओं के स्वतः रद्द होने के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। जिन विद्यार्थियों की परीक्षा तय है, उनके लिए विद्यालय प्रबंधन की सूचना महत्वपूर्ण होगी।
शिक्षकों को विद्यालय पहुंचकर करना होगा काम
पठन-पाठन स्थगित रहने के बावजूद शिक्षकों और शिक्षिकाओं को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। यह निर्देश सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त तथा निजी विद्यालयों के शिक्षकों पर लागू है। आदेश के अनुसार, शिक्षक इन दोनों दिनों विद्यालय पहुंचकर गैर शैक्षणिक कार्यों का संपादन करेंगे। इस प्रकार विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और शिक्षकों की उपस्थिति के लिए अलग-अलग व्यवस्था रखी गई है।












