
जमशेदपुर : दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सामने आई रिपोर्ट के बाद जमशेदपुर समेत कोल्हान में औषधि विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की सितंबर 2026 की जांच में देशभर में दवाओं के 330 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद स्थानीय बाजार में संबंधित बैचों की उपलब्धता, बिक्री और बचे हुए स्टॉक की जानकारी जुटाई जा रही है।
कारोबारियों से मांगा गया खरीद-बिक्री का हिसाब
साझा स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, औषधि विभाग ने कोल्हान के दवा कारोबारियों को पत्र भेजकर जांच में फेल पाए गए बैच नंबरों की सूची उपलब्ध कराई है। उनसे पूछा गया है कि संबंधित बैच की कितनी दवाएं मंगाई गईं, कितनी बेची जा चुकी हैं और कितना स्टॉक अभी मौजूद है। इस पड़ताल का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सूची में शामिल बैचों की दवाएं जमशेदपुर और आसपास के बाजारों तक पहुंची हैं या नहीं। आपूर्ति और बिक्री का विवरण मिलने से संबंधित स्टॉक की पहचान करने में मदद मिलेगी।
बीपी, थायराइड और मधुमेह की दवाओं पर नजर
स्थानीय रिपोर्ट में बताया गया है कि जांच के दायरे में बीपी और थायराइड की दवाओं के अलावा पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक तथा मधुमेह और वजन घटाने के उपचार में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन भी शामिल हैं। इन दवाओं का नियमित उपयोग करने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए संबंधित बैचों की पहचान महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी एक बैच का नमूना मानक पर खरा नहीं उतरने का अर्थ उस नाम से बिकने वाली हर दवा का खराब होना नहीं है।
कॉस्मेटिक उत्पादों की भी हो रही पड़ताल
साझा खबर के मुताबिक, कुछ सौंदर्य प्रसाधनों में भी गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आई हैं। पांच कॉस्मेटिक उत्पादों में निर्धारित सीमा से अधिक पारा मिलने की बात कही गई है। इनमें चार फेयरनेस क्रीम और एक बॉडी लोशन शामिल बताए गए हैं। कुछ क्रीम में हाइड्रोक्विनोन मिलने का भी उल्लेख है। विभाग की निगरानी में संबंधित उत्पाद और उनके बैच भी हैं।
संबंधित बैच मिले तो होगी वापसी की कार्रवाई
रिपोर्ट में ड्रग इंस्पेक्टर सोनी बारा के हवाले से बताया गया है कि चिह्नित दवाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाजार में संबंधित बैच मिलने पर उन्हें वापस मंगाने की कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल दुकानों को इन बैचों की बिक्री रोकने का निर्देश दिए जाने की भी जानकारी है।
पूरे ब्रांड को खराब मानना सही नहीं
सीडीएससीओ ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता संबंधी निष्कर्ष जांचे गए नमूनों और संबंधित बैचों तक सीमित हैं। इससे बाजार में उपलब्ध अन्य बैचों पर स्वतः सवाल नहीं उठता। इसलिए किसी दवा को लेकर निर्णय लेने से पहले उसका बैच नंबर आधिकारिक सूची से मिलाना जरूरी है। खबर देखकर नियमित उपचार में बदलाव करने के बजाय मरीज संबंधित दवा के बारे में चिकित्सक या फार्मासिस्ट से पुष्टि करें।












