
गिरिडीह : लक्ष्मी की हत्या के मामले में पुलिस ने बिनोद मंडल और उसकी पत्नी सविता देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पढ़ाई के लिए पैसे मांगने को लेकर लक्ष्मी और बिनोद के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि बिनोद ने मिलने के बहाने लक्ष्मी को बुलाया और बाद में उसकी हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने में पत्नी की मदद लेने की बात भी पुलिस की जांच में सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तार दंपती की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बताई जा रही बाइक, एक सफेद प्लास्टिक की बोरी और मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में आर्थिक विवाद से लेकर लक्ष्मी को बुलाने और शव रेलवे पटरी तक पहुंचाने की कड़ियों को पुलिस ने जोड़ा है।
पढ़ाई के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगने पर बढ़ा विवाद
पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मी आंध्र प्रदेश के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में आगे की पढ़ाई करना चाहती थी। चार सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए उसे करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत थी। घर से आर्थिक मदद नहीं मिलने पर उसने बिनोद मंडल से यह रकम मांगी थी। जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, बिनोद इतनी बड़ी रकम एक साथ नहीं देना चाहता था। वहीं, लक्ष्मी लगातार पैसे की मांग कर रही थी। पुलिस का दावा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ा और बिनोद ने उसकी हत्या की योजना बनाई। लक्ष्मी बगोदर में किराये के मकान में रहती थी।
मिलने के बहाने बुलाकर घर ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बिनोद ने 19 सितंबर को लक्ष्मी को मिलने के लिए दोंदलो बुलाया था। वहां से वह उसे बाइक पर बैठाकर अपने घर के किनारे स्थित एक कमरे में ले गया। लक्ष्मी उसके साथ विश्वास करके गई थी। आरोप है कि रात में बिनोद ने लक्ष्मी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहां से हटाने के लिए उसने अपनी पत्नी सविता देवी की मदद ली। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम से जुड़ी यह जानकारी सामने रखी है।
बोरी में शव भरकर रेलवे पटरी तक पहुंचाने का दावा
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में भरा गया। इसके बाद उसे पल्सर बाइक से चिचाकी रेलवे स्टेशन के समीप ले जाकर रेलवे पटरी पर रख दिया गया। दंपती की निशानदेही पर बरामद बोरी और बाइक को पुलिस ने घटना से जुड़ा बताया है। साथ ही वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इन बरामदगियों को जांच की महत्वपूर्ण कड़ियों के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई में पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर अभिजीत कुमार, आनंद कच्छप और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। फिलहाल हत्या और शव को ठिकाने लगाने से संबंधित विवरण पुलिस के आरोपों पर आधारित हैं। आरोपियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।












