
- जेसोवा दीपावली मेला 2026 में शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल, चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये की सहायता
रांची : झारखंड में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के उद्देश्य से झारखंड आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (जेसोवा) ने महत्वपूर्ण पहल की है। जेसोवा दीपावली मेला 2026 के दौरान राज्य के तीन जिलों के पुस्तकालयों के विकास के लिए कुल 45 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई है। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्ञान एवं कौशल के विकास को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों को 15-15 लाख रुपये
जेसोवा की ओर से चाईबासा, देवघर और दुमका के पुस्तकालयों के विकास के लिए प्रत्येक जिले को 15-15 लाख रुपये की राशि दी गई है। इस तरह तीनों जिलों के पुस्तकालयों के लिए कुल 45 लाख रुपये का सहयोग दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। पुस्तकालयों के विकास से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने, ज्ञान बढ़ाने और अपने कौशल को विकसित करने में सहायता मिल सकती है। इससे भविष्य में बेहतर शैक्षणिक और रोजगार संबंधी अवसर हासिल करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा के साथ बच्चों की प्रतिभा को भी प्रोत्साहन
जेसोवा ने शिक्षा के अलावा विशेष जरूरतों वाले बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया है। मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत की शिक्षा देने के उद्देश्य से श्रेयशी बनर्जी को 96 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
वहीं, बच्चों में कला और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट के क्षेत्र में स्वास्तिका बनर्जी को भी 96 हजार रुपये की सहयोग राशि दी गई है। इन पहलों का उद्देश्य बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्य सचिव ने की जेसोवा के प्रयासों की सराहना
रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित जेसोवा दीपावली मेला 2026 का उद्घाटन मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने संगठन की सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की सराहना की।
मुख्य सचिव ने कहा कि दिवाली मेला केवल व्यापार और मुनाफे तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद, कला-संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का भी माध्यम है। उन्होंने विशेष बच्चों की प्रतिभा को निखारने और शिक्षा के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
देशभर के शिल्पकारों को भी मिल रहा मंच
जेसोवा दीपावली मेला देश के विभिन्न हिस्सों से आए शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपनी कला एवं हुनर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। मेले के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों की कला, संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलता है।
बारिश के बावजूद मेले में लोगों का उत्साह बना हुआ है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सितार और सरोद की जुगलबंदी, सुगम संगीत, नृत्य प्रस्तुतियों और कठपुतली शो ने लोगों को आकर्षित किया।
अब 3 नवंबर तक चलेगा जेसोवा दीपावली मेला
मौसम की स्थिति और बारिश की संभावना को देखते हुए जेसोवा दीपावली मेला 2026 के समापन की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले मेले का समापन 2 नवंबर को होना था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 3 नवंबर 2026 कर दिया गया है।
आयोजकों के अनुसार, यह फैसला मेले में भाग लेने वाले वेंडर्स को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कुल मिलाकर, जेसोवा की यह पहल शिक्षा, पुस्तकालयों के विकास और बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुस्तकालयों को मिली सहायता राशि से विद्यार्थियों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं विकसित की जाती हैं।












