
- निर्माण कार्य में देरी से रेलवे फाटक पर रोज लग रही वाहनों की लंबी कतार, शनिवार सुबह से महाजाम ने बढ़ाई परेशानी।
- अधूरा जामडीह ROB बना जी का जंजाल, NH-18 पर घंटों फंसे वाहन; मरीजों और छात्रों की बढ़ी मुसीबत
- निर्माण कार्य में देरी से रेलवे फाटक पर रोज लग रही वाहनों की लंबी कतार, शनिवार सुबह से महाजाम ने बढ़ाई परेशानी।
नीमडीह : राष्ट्रीय राजमार्ग-18 पर सफर करने वालों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड स्थित जामडीह रेलवे फाटक पर अधूरे पड़े रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के कारण एक बार फिर महाजाम की स्थिति बन गई है। शनिवार सुबह से ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। नतीजतन राहगीरों को घंटों जाम में फंसकर इंतजार करना पड़ा।
रेलवे फाटक बंद होते ही थम जाते हैं पहिए
जामडीह रेलवे फाटक पर आरओबी का निर्माण लंबे समय से अधूरा है। ऐसे में ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद होते ही एनएच-18 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। फाटक खुलने के बाद भी वाहनों का दबाव इतना अधिक रहता है कि यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। व्यस्त राजमार्ग पर यह समस्या अब रोजाना की मुसीबत बनती जा रही है।
सबसे ज्यादा मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी
इस जाम का सबसे गंभीर असर मरीजों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अस्पताल जाने वाले मरीजों के वाहन और एंबुलेंस भी कई बार जाम में फंस जाते हैं। वहीं, परीक्षा देने जाने वाले विद्यार्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने की चिंता सताती रहती है। नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों का भी काफी समय बर्बाद हो रहा है।
निर्माण में देरी से ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में सुस्ती और संबंधित निर्माण कंपनी की लापरवाही के कारण आरओबी अब तक पूरा नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज का निर्माण समय पर पूरा हो जाता तो चांडिल-असनसोल मार्ग पर आवागमन काफी आसान हो जाता।
आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
लगातार जाम से परेशान ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि आरओबी का निर्माण पूरा कर जल्द से जल्द आवागमन शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।












