
जमशेदपुर : मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का डर दिखाकर लोगों की निजी जानकारी हासिल करने और साइबर ठगी की आशंका को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। ई-मेल, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों पर ऐसे भ्रामक संदेश प्रसारित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति का नाम प्रारूप मतदाता सूची से हटा दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से ऐसे संदेशों के साथ आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की अपील की है।
निर्वाचन कार्यालय ने नहीं भेजे ऐसे संदेश
जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से 31 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि जिले की निर्वाचन शाखा अथवा राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा इस तरह के संदेश नहीं भेजे जा रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि मोबाइल या ई-मेल पर ऐसा संदेश मिलने पर उसे आधिकारिक सूचना मानकर घबराने की जरूरत नहीं है। संदेश में लिखी बात पर तुरंत भरोसा करने के बजाय अधिकृत माध्यम से उसकी पुष्टि करें। केवल किसी डिजिटल संदेश के आधार पर मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति को लेकर निष्कर्ष नहीं निकालें।
अनजान लिंक से निजी जानकारी तक पहुंचने की कोशिश
भ्रामक संदेशों में अंग्रेजी में “Your name has been removed from the draft voter list” लिखकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। इसके साथ दिया गया लिंक साइबर अपराधियों का जाल हो सकता है। प्रशासन के अनुसार, इसका उद्देश्य संवेदनशील जानकारी जुटाना अथवा आर्थिक धोखाधड़ी करना हो सकता है। ऐसे किसी लिंक के माध्यम से अपना बैंक विवरण, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। मतदाता सूची से जुड़ी सूचना के बहाने व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले अनजान संदेशों से विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
नाम की स्थिति जांचने के लिए अपनाएं अधिकृत माध्यम
मतदाता सूची में नाम दर्ज है या नहीं, इसकी जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.inका उपयोग करने को कहा गया है। नागरिक संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी यानी ईआरओ के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों पर भरोसा करें। संदिग्ध संदेश में दिए गए लिंक के बजाय सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जानकारी प्राप्त करें।
संदिग्ध संदेश आगे भेजने से बचें
उपायुक्त ने नागरिकों से ऐसे संदेशों को दूसरों तक प्रसारित नहीं करने की भी अपील की है। बिना पुष्टि के संदेश साझा करने से अन्य लोग भी भ्रमित हो सकते हैं। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी की आशंका के प्रति जागरूक करने को कहा गया है। प्रशासन का संदेश है कि सतर्क रहना, सूचना की पुष्टि करना और गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखना साइबर अपराध से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।












