
जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला फरियादी से कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। उपलब्ध समाचार विवरण के अनुसार, दो दिनों में थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं, एक वायरलेस ऑपरेटर और एक हवलदार को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
लापरवाही और सूचना छिपाने पर भी कार्रवाई
शनिवार को छह पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद रविवार को नौ अन्य कर्मियों पर कार्रवाई हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों पर अनुशासनहीनता और घटना की जानकारी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने का आरोप है। बताया गया है कि इनमें कुछ कर्मी घटनास्थल के ऊपर बने कमरों में मौजूद थे। उनकी भूमिका और घटना के समय की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। सभी निलंबित कर्मियों पर एक जैसे आरोप नहीं हैं।
एसपी ने थाने पहुंचकर दर्ज किए बयान
रविवार को एसपी ने गम्हरिया थाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों से अलग-अलग बंद कमरों में पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसी बीच थाने की कमान नए प्रभारी को सौंपी गई है। उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है।
महिला शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा पर सख्त निर्देश
घटना के बाद जिले के सभी थाना प्रभारियों को थाना परिसर की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। ड्यूटी के दौरान अथवा थाना परिसर में किसी पुलिसकर्मी के नशे की हालत में मिलने पर सेवा से बर्खास्तगी की अनुशंसा करने की चेतावनी दी गई है। महिला फरियादियों की शिकायत प्राथमिकता से दर्ज करने, पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित करने और अनावश्यक रूप से थाने में नहीं बैठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। दुर्व्यवहार या दबाव डालने की शिकायत पर संबंधित कर्मी के साथ थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय होगी।
सड़क से राजनीतिक मंच तक उठा विरोध
मामले को लेकर पूर्व सांसद गीता कोड़ा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गम्हरिया थाने के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच, आरोपियों को सजा और तीन महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल कराने की मांग रखी। थानों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक पूर्णिमा साहू ने राष्ट्रीय महिला आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, बाबूलाल मरांडी ने महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। नोवामुंडी में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता को न्याय देने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।












