
- छात्रावास में सीपेज और क्लासरूम की जर्जर छतों की मरम्मत को मिलेगी प्राथमिकता
- प्रधान सचिव ने निरीक्षण के दौरान कुलपति को दिया निर्देश, रोजगारपरक कोर्स और ऑनलाइन पढ़ाई पर भी जोर
जमशेदपुर. जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के बिष्टुपुर कैंपस के जर्जर भवनों की मरम्मत का रास्ता खुल सकता है। विश्वविद्यालय की ओर से दो साल पहले तैयार किया गया 19 करोड़ रुपये का जीर्णोद्धार प्रस्ताव अब स्वीकार नहीं होगा। इसके स्थान पर तत्काल जरूरी मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया जायेगा। शनिवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान कुलपति डॉ. इला कुमार को इस संबंध में निर्देश दिया।
प्रधान सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी मरम्मत कार्यों को एक साथ प्रस्तावित करने के बजाय सबसे जरूरी कार्यों की सूची तैयार करे। छात्रावास में सीपेज की समस्या दूर करने, जर्जर क्लासरूम की छतों की मरम्मत और स्टाफ क्वार्टर की खराब स्थिति को प्राथमिकता में रखा जाये। इन कार्यों के लिए नये सिरे से प्रस्ताव विभाग को भेजा जाये। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रस्ताव मिलने के बाद विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन को छात्राओं की शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गंभीरता से पहल करने को कहा।
छात्रावास से क्लासरूम तक मरम्मत की जरूरत
बिष्टुपुर कैंपस में लंबे समय से भवनों की मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है। छात्रावास में सीपेज की समस्या है, वहीं कई क्लासरूम की छतें भी जर्जर स्थिति में हैं। स्टाफ क्वार्टर की मरम्मत भी जरूरी है। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए करीब 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि, अब विभाग ने पूरे प्रस्ताव के बजाय जरूरी कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इससे मरम्मत कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की संभावना है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार शुरू होंगे कोर्स
प्रधान सचिव ने विश्वविद्यालय को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर छात्राओं के रोजगार और भविष्य पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने जॉब ओरिएंटेड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कोर्स मॉड्यूल तैयार करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय ऐसे पाठ्यक्रम विकसित करे, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्राओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
एलएमएस से घर बैठे पढ़ाई की सुविधा
छात्राओं की पढ़ाई को अधिक सुलभ बनाने के लिए शिक्षकों को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) के माध्यम से ऑनलाइन टीचिंग मटीरियल तैयार करने का निर्देश दिया गया। इससे छात्राएं घर बैठे भी अध्ययन सामग्री हासिल कर सकेंगी और कक्षाओं में पढ़ाये गये विषयों को दोबारा समझने का अवसर मिलेगा।
शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी पहल
विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने के मुद्दे पर प्रधान सचिव ने कहा कि विभागीय स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन को पुनर्गठन के आधार पर रोस्टर क्लीयर कर नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया, ताकि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
को-ऑपरेटिव कॉलेज में भी आधारभूत सुविधाओं का मुद्दा उठा
प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने शनिवार को जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज का भी दौरा किया। यहां कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमर कुमार सिंह समेत अन्य शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। प्राचार्य ने कॉलेज को विश्वविद्यालय का गौरव बताते हुए यहां आधारभूत संरचनाओं की व्यापक कमी की जानकारी दी। इस पर प्रधान सचिव ने कहा कि सरकार के पास राशि की कमी नहीं है। कॉलेज प्रबंधन जरूरी कार्यों का प्रस्ताव भेजे, उस पर कार्रवाई की जायेगी।












