
- खराब अंडा मिलने पर कर्मचारियों ने जताई नाराजगी, सिंथेटिक अंडा होने की आशंका से मचा हड़कंप; CCMC की टीम को झेलना पड़ा विरोध
जमशेदपुर : टाटा स्टील की कैंटीन में कर्मचारियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कंपनी के एलडी-3 टीएससीआर के ट्रॉली प्वाइंट स्थित कैंटीन में कर्मचारियों को खराब अंडा परोसे जाने के बाद जमकर विरोध हुआ। अंडे की गुणवत्ता को लेकर कर्मचारियों ने गंभीर आशंका जताते हुए इसके सिंथेटिक होने की बात कही। हालांकि, अंडे के सिंथेटिक होने की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद कैंटीन में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नाराज कर्मचारियों और यूनियन के कमेटी मेंबरों ने सेंट्रलाइज्ड कैंटीन मैनेजमेंट कमेटी (सीसीएमसी) की टीम को घेर लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। कर्मचारियों ने कैंटीन में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस दौरान सीसीएमसी की टीम को कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
जांच हुई, लेकिन नतीजे पर सस्पेंस
विरोध बढ़ने के बाद कुछ देर में अंडे की जांच कराई गई। हालांकि, जांच किस स्तर पर और किस पद्धति से की गई, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी। जांच में अंडे के भीतर क्या पाया गया और उसकी गुणवत्ता को लेकर क्या निष्कर्ष निकला, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया। इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान देने को तैयार नहीं हुआ।
कर्मचारियों की सेहत पर उठे सवाल
कर्मचारियों का कहना है कि कैंटीन में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रबंधन और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि खराब खाद्य सामग्री परोसी जाती है तो यह कर्मचारियों की सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कर्मचारियों ने खाद्य सामग्री की नियमित जांच और कैंटीन की निगरानी व्यवस्था को और सख्त बनाने की मांग की है।
फिलहाल, इस घटना के बाद कैंटीन में खाद्य गुणवत्ता की जांच और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कर्मचारियों को परोसे गए अंडे की वास्तविक गुणवत्ता क्या थी और जांच के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?












