
- 47 हजार से अधिक वीक्षकों और 18 हजार सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा, परीक्षार्थियों की संख्या के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा
रांची : झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं का नौ साल का लंबा इंतजार रविवार को खत्म होने जा रहा है। राज्य में रविवार, एक नवंबर को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 आयोजित होगी। परीक्षा में करीब 5.65 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षार्थियों की संख्या के लिहाज से इसे राज्य की अब तक की सबसे बड़ी पात्रता परीक्षा माना जा रहा है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा की निगरानी के लिए 47 हजार से अधिक वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। व्यवस्था के तहत प्रत्येक 12 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक तैनात रहेगा। वहीं, विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 18 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिला स्तर पर उपायुक्त और एसएसपी परीक्षा की निगरानी करेंगे। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से उपायुक्तों को जिला स्तर पर परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
नौ साल बाद परीक्षा, युवाओं को बड़ी उम्मीद
जेटेट का आयोजन लंबे अंतराल के बाद होने से अभ्यर्थियों में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थी दूसरे जिलों से भी जमशेदपुर पहुंचे हैं। कई अभ्यर्थियों को ठहरने की व्यवस्था नहीं मिलने के कारण टाटानगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और वेटिंग हॉल में रात गुजारनी पड़ी। परीक्षा से एक दिन पहले स्टेशन पर अभ्यर्थियों को सोते हुए देखा गया। इससे बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों के सामने ठहरने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की चुनौती भी सामने आई।
100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा
परीक्षा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जमशेदपुर के सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एसडीओ अर्नव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश रविवार सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा। परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, नारेबाजी और भड़काऊ भाषण देने पर रोक रहेगी। परीक्षार्थियों और अधिकृत कर्मियों को इससे छूट दी गई है।
मोबाइल, ब्लूटूथ और नकल सामग्री पर प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों के आसपास मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। चिट, किताब, नोट्स और नकल में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा लाठी, चाकू, हथियार, पटाखे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
होटलों और लॉज में पुलिस की जांच
परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए शनिवार रात पुलिस ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में होटलों, लॉज और गेस्ट हाउस में जांच अभियान चलाया। इस दौरान ठहरे लोगों के पहचान पत्र, उनके आने का उद्देश्य और होटल रजिस्टर का मिलान किया गया। होटल संचालकों को बिना वैध पहचान पत्र किसी अनजान व्यक्ति को कमरा नहीं देने का निर्देश दिया गया। परीक्षा के दिन भी केंद्रों के आसपास पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें निगरानी करेंगी।
भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
परीक्षा के मद्देनजर शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। डीएसपी ट्रैफिक के आदेश के अनुसार, रविवार सुबह पांच बजे से बसों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी वाहनों का शहर में परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात को सुचारू रखना और परीक्षार्थियों को आवागमन में परेशानी से बचाना है।
एक परीक्षा, लाखों उम्मीदें
नौ साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही जेटेट परीक्षा लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इतनी बड़ी परीक्षा को प्रशासन कितनी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करा पाता है। 47 हजार से अधिक वीक्षकों, 18 हजार सीसीटीवी कैमरों और जिला प्रशासन की निगरानी के बीच अभ्यर्थियों की मेहनत की परीक्षा होगी।












