
- बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री पर रोक, आम बगान में तैनात रहेगी दमकल गाड़ी
- ड्रोन से होगी निगरानी, छठ घाटों पर गोताखोर, नाव और लाइफ जैकेट की रहेगी व्यवस्था
जमशेदपुर : दीपावली, कालीपूजा और लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, अग्निशमन, यातायात और नागरिक सुविधाओं को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की है। खतरनाक छठ घाटों पर लाल झंडे लगाये जाएंगे, जबकि बाजारों में बिकने वाली मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। वहीं, बिना वैध लाइसेंस के पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
शनिवार को उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि त्योहारों के दौरान आम लोगों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सिटी एसपी ललित मीना, नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद, एडीसी अनुराग तिवारी, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) मुकेश मछुआ, डीटीओ महेश्वरी प्रसाद यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बिना लाइसेंस नहीं बिकेंगे पटाखे, आम बगान में रहेगी दमकल
दीपावली को लेकर पटाखों की बिक्री पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। केवल निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने वाली अधिकृत दुकानों को ही लाइसेंस दिया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आम बगान सहित प्रमुख और भीड़भाड़ वाले पटाखा बिक्री केंद्रों पर दमकल वाहनों की तैनाती अनिवार्य की गई है, ताकि आग लगने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मिलावटी मिठाइयों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर
दीपावली के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। मिठाई दुकानों और बाजारों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच होगी। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
खतरनाक छठ घाटों पर लाल झंडे, तैनात रहेंगे गोताखोर
छठ महापर्व को लेकर नगर निकायों और प्रखंड स्तर पर घाटों की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। नदी और तालाबों के जलस्तर का आकलन कर खतरनाक स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसे स्थानों पर लाल झंडे, चेतावनी संकेतक और बैरिकेडिंग लगाई जाएगी, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बचें। घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों, नावों और लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा घाटों पर सफाई, समतलीकरण, रोशनी, पेयजल, शौचालय और चेंजिंग रूम की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कालीपूजा विसर्जन के लिए तय होगा रूट, ड्रोन से निगरानी
कालीपूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। प्रतिमा विसर्जन जुलूस को निर्धारित मार्ग से ही गुजरना होगा। तय रूट से विचलन की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की जाएगी। साथ ही यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया जाएगा, ताकि आम राहगीरों को परेशानी न हो।
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को त्योहारों से पहले तैयारियां पूरी करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है।












