
गालूडीह : अपना पक्का घर होने की उम्मीद में वर्षों से इंतजार कर रहीं सावित्री सूत्रधार की आस अब प्रशासन पर टिकी है। महुलिया के बांग्लापाड़ा की रहने वाली सावित्री दिव्यांग हैं और आर्थिक परेशानी के बीच परिवार के साथ किराये के मकान में रह रही हैं। उनका कहना है कि सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कई बार भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक उन्हें आवास नहीं मिला। सावित्री के अनुसार, जनप्रतिनिधि उनके घर तक आए, स्थिति देखी और तस्वीरें भी खिंचवाईं। उन्हें उम्मीद बंधी कि जल्द अपना पक्का मकान मिल जाएगा। हालांकि, काफी समय बीतने के बाद भी परिवार की रहने की समस्या जस की तस बनी हुई है। अब उन्होंने प्रशासन से अपनी स्थिति पर ध्यान देने की गुहार लगाई है।
मजदूरी और पेंशन से चलता है घर
परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सावित्री के पति की मजदूरी पर निर्भर है। सावित्री को दिव्यांग पेंशन भी मिलती है, जिससे घरेलू खर्च में कुछ मदद होती है। लेकिन सीमित आमदनी के बीच रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही परिवार के लिए मुश्किल बना हुआ है। ऐसे हालात में अपने खर्च से पक्का मकान बनवाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। फिलहाल परिवार अपने घर के बगल में स्थित किराये के मकान में रहने को मजबूर है। सावित्री को उम्मीद है कि आवास योजना का लाभ मिलने से रहने की इस परेशानी का स्थायी समाधान निकल सकेगा।
हर बार आश्वासन से बंधी उम्मीद
सावित्री ने बताया कि आवास के लिए वह कई बार जनप्रतिनिधियों से मदद मांग चुकी हैं। उनके अनुसार, हर बार उन्हें भरोसा दिलाया गया कि जल्द योजना का लाभ मिलेगा। घर पर आए जनप्रतिनिधियों की बातों से परिवार को लगा कि अब इंतजार खत्म होने वाला है। उन्होंने कहा कि तस्वीरें लिए जाने और आश्वासन मिलने के बाद भी वास्तविक स्थिति नहीं बदली। परिवार आज भी उसी जरूरत को लेकर मदद की राह देख रहा है। सावित्री की मांग है कि उनके मामले पर ध्यान देकर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाए।
दिव्यांगता के साथ बढ़ती हैं रोजमर्रा की मुश्किलें
सावित्री का कहना है कि दिव्यांग होने के कारण उन्हें रोजगार से जुड़े कामों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक तंगी और अपना पक्का मकान नहीं होने से उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं। परिवार की आय सीमित होने के कारण उनके सामने आवास का दूसरा विकल्प भी आसान नहीं है। उन्होंने प्रशासन से अपनी आर्थिक स्थिति और दिव्यांगता को ध्यान में रखते हुए सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने का अनुरोध किया है। सावित्री चाहती हैं कि वर्षों का इंतजार खत्म हो और परिवार को किराये के मकान में रहने की मजबूरी से राहत मिले। उनके लिए पक्का घर रोजमर्रा की एक बड़ी चिंता दूर होने की उम्मीद है।












