
मेदिनीनगर (पलामू) : जेटेट परीक्षा की सुरक्षा ड्यूटी में लगाए गए एक पुलिस जवान की सरकारी एसएलआर राइफल गायब होने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने घंटों खोजबीन की, लेकिन अंत में हथियार उसी घर के सोफे के नीचे मिला, जहां जवान ठहरा हुआ था। राइफल सुरक्षित बरामद होने के बाद अब जवान की लापरवाही और अधिकारियों को दी गई शुरुआती जानकारी की जांच की जा रही है।
रिश्तेदार के घर ठहरा था जवान
जानकारी के अनुसार, बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के नवगड़ा ओपी में तैनात जवान संजीव तिवारी की ड्यूटी जेटेट परीक्षा के दौरान मेदिनीनगर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाई गई थी। वह रेड़मा इलाके में अपने एक रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था। बताया गया कि घर में सोने के बाद जब उसकी नींद खुली, तो सरकारी राइफल उसे अपनी जगह पर नहीं दिखी।हथियार नहीं मिलने पर जवान ने मेदिनीनगर टाउन थाना को इसकी सूचना दी। सरकारी हथियार गायब होने की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। परीक्षा ड्यूटी के बीच सामने आए इस मामले को वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और तत्काल तलाश शुरू कराई गई।
पहले गाड़ी से चोरी होने की दी सूचना
शुरुआत में जवान ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि राइफल गाड़ी में रखी हुई थी और वहीं से चोरी हो गई। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हथियार का पता लगाने के लिए घर के साथ आसपास के इलाके में भी खोजबीन की गई। कई घंटों तक चली तलाश के दौरान पुलिस टीम अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच करती रही। हालांकि, बाद में हुई बरामदगी ने जवान की शुरुआती सूचना पर ही सवाल खड़े कर दिए। जिस हथियार को गाड़ी से चोरी होने की बात कही गई थी, वह घर के भीतर मौजूद मिला।
सोफे के नीचे सुरक्षित मिली एसएलआर
पुलिस टीम ने घर की तलाशी के दौरान सोफे के नीचे से एसएलआर राइफल सुरक्षित बरामद कर ली। इसके बाद मामला हथियार चोरी की सूचना से आगे बढ़कर उसकी सुरक्षा में लापरवाही और भ्रामक जानकारी दिए जाने की जांच तक पहुंच गया। राइफल मिल जाने के बावजूद अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच जारी रखी है। यह पड़ताल की जा रही है कि हथियार वहां कैसे पहुंचा और जवान ने शुरुआत में गाड़ी से चोरी होने की जानकारी क्यों दी।
रिपोर्ट तलब, विभागीय कार्रवाई की तैयारी
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने बिश्रामपुर एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उनके अनुसार, जवान को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और लापरवाही के मामले में सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मूल रूप से चैनपुर निवासी जवान की मेडिकल जांच भी कराई जा रही है, ताकि घटना के समय उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का पता लगाया जा सके।












