
जमशेदपुर : वर्षों से पेयजल संकट झेल रही डिमना बस्ती के लोगों ने अब अपनी मांग संगठित तरीके से उठाने का निर्णय लिया है। पानी की परेशानी और चुनावी आश्वासनों के बावजूद समाधान नहीं मिलने से नाराज स्थानीय निवासियों की बैठक में ‘डिमना बस्ती जल विकास समिति’ का गठन किया गया। जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु के नेतृत्व में हुई बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। सभी ने बस्ती में पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई।
चुनाव बीतते हैं, लेकिन नहीं बदलती परेशानी
बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि पेयजल की समस्या उनके दैनिक जीवन को लगातार प्रभावित कर रही है। हर चुनाव में प्रत्याशी बस्ती की पानी की परेशानी दूर करने का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आता। निवासियों के अनुसार, वर्षों से मिल रहे आश्वासनों के बावजूद उन्हें पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए बार-बार आवाज उठाने की मजबूरी बनी हुई है। उनकी मांग है कि समस्या को गंभीरता से लेकर ऐसा समाधान किया जाए, जिससे बस्ती के परिवारों को नियमित रूप से पेयजल मिल सके।
महिलाओं पर पड़ रहा पानी जुटाने का बोझ
बैठक में महिलाओं की परेशानी भी प्रमुखता से सामने आई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पानी की कमी के कारण महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है। इससे उनका समय और मेहनत दोनों खर्च होते हैं तथा घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते हैं। निवासियों का कहना था कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाना परिवारों की बड़ी चिंता बन चुका है। बैठक में इस परेशानी को साझा करते हुए लोगों ने स्थायी समाधान की जरूरत दोहराई।
समिति के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचेगी मांग
उपस्थित लोगों की सहमति से गठित जल विकास समिति बस्ती की पेयजल समस्या को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समक्ष उठाएगी। इसके माध्यम से स्थानीय निवासियों की मांग को सामूहिक रूप से रखने का निर्णय लिया गया। सौरभ विष्णु ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए लोगों की एकजुटता आवश्यक है। उनके अनुसार, सामूहिक भागीदारी की कमी भी मांग को मजबूती से आगे बढ़ाने में बाधा बनती रही है। उन्होंने निवासियों से एक मंच पर आकर अपनी आवाज उठाने की अपील की।
एक हजार लोगों को जोड़कर विरोध का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर एक हजार लोगों को एकजुट कर विरोध किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई। बैठक में सुमन शर्मा, बप्पी, सनातन टुड्डू, दत्ता, विजय कुमार, विकास महतो, धनु मांझी, कालीपद गोप, भोलानाथ हांसदा, निर्मल प्रामाणिक, रेखा दत्ता और मीरा देवी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।












