
- उम्र के दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस, ओडिशा से परिजनों ने पहुंचकर किया दावा | राष्ट्रीय महिला आयोग सख्त, डीएलएसए ने भी संभाला मोर्चा
जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला से दुष्कर्म के चर्चित मामले में एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। अब तक मामले में पीड़िता के रूप में सामने आई महिला की उम्र को लेकर परिजनों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ओडिशा के बड़बिल से पहुंचे परिजनों का दावा है कि वह बालिग नहीं, बल्कि नाबालिग है। इतना ही नहीं, परिजनों ने बताया कि किशोरी पिछले छह महीने से अपने घर से लापता थी और वे लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।
परिजनों के इस दावे के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब महिला की वास्तविक उम्र का पता लगाने के लिए संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। घटना के समय महिला ने अपनी उम्र 20 वर्ष बताई थी। नए दावे के सामने आने के बाद पुलिस ने उसके पति शंकर दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
उम्र की सच्चाई जानने में जुटी पुलिस
मानवाधिकार संगठन की टीम के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे परिजनों ने महिला के नाबालिग होने का दावा किया। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि शंकर दास उसे ओडिशा से गम्हरिया कब और किन परिस्थितियों में लेकर आया था। बताया जा रहा है कि शंकर दास का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह गोरा दास हत्याकांड में 11 साल की सजा काट चुका है। इस मामले से जुड़ा मुकदमा फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी सात दिन में रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। आयोग ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के साथ सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) सौंपने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने पीड़िता को निःशुल्क कानूनी सहायता, पुनर्वास और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
तीन आरोपी जेल में, 15 पुलिसकर्मी निलंबित
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर की रात पति से विवाद के बाद मदद मांगने पहुंची महिला को गम्हरिया थाना लाया गया था। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति में उसे एक कमरे में ठहराया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले की जांच एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित एसआइटी कर रही है। मुख्य आरोपित सिपाही नीरज लकड़ा, एक दारोगा और थाना मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तत्कालीन थाना प्रभारी समेत 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। अब पीड़िता की उम्र को लेकर सामने आए नए दावे ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। पुलिस के सामने अब उम्र, घटनाक्रम और महिला को ओडिशा से गम्हरिया लाने की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ने की चुनौती है।












