
जमशेदपुर : बेटी को डॉक्टर बनाने की चाहत एक मां को भारी पड़ गई। NEET UG काउंसलिंग में दाखिला दिलाने का भरोसा देकर 3 लाख 50 हजार रुपये लेने और बाद में पैसे लौटाने से इनकार करने का मामला सामने आया है। जमशेदपुर के धतकीडीह की रहने वाली निगार अख्तर ने रांची स्थित एमआई एजुकेशन सर्विसेज के संचालक शशिभूषण कुमार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बेटी के मेडिकल एडमिशन का दिया भरोसा
शिकायत के मुताबिक, धतकीडीह बी ब्लॉक, लाइन नंबर एक निवासी निगार अख्तर अपनी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात रांची के एमआई एजुकेशन सर्विसेज के संचालक शशिभूषण कुमार से हुई। आरोप है कि संचालक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह उनकी बेटी की NEET UG काउंसलिंग में मदद कर मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने में सफल रहेगा।
27 जुलाई 2025 को दिए साढ़े तीन लाख रुपये
महिला का आरोप है कि संचालक के आश्वासन पर भरोसा करते हुए उन्होंने 27 जुलाई 2025 को उसे 3 लाख 50 हजार रुपये दे दिए। उन्हें उम्मीद थी कि बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला हो जाएगा और डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा। हालांकि, काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद भी बेटी को दाखिला नहीं मिल सका।
पैसे मांगने पर टालमटोल, फिर धमकी का आरोप
दाखिला नहीं होने के बाद निगार अख्तर ने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। आरोप है कि शुरुआत में वह लगातार पैसे लौटाने में टालमटोल करता रहा। काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर महिला ने दोबारा भुगतान की मांग की।
महिला के अनुसार, इस बार आरोपी ने रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं मिलेंगे, जो करना है कर लो। पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने का भी आरोप लगाया गया है।
साकची थाने में FIR, पुलिस ने शुरू की जांच
आखिरकार महिला ने साकची थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शशिभूषण कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, रुपये के लेनदेन और मेडिकल काउंसलिंग के नाम पर किए गए कथित वादों की जांच कर रही है।
मामले का अहम पहलू: मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद लेकर एक परिवार ने साढ़े तीन लाख रुपये दिए, लेकिन दाखिला नहीं होने के बाद रकम वापस मांगने पर विवाद थाने तक पहुंच गया।












