
जमशेदपुर : उम्र महज सात महीने, कदम छोटे-छोटे और चंचलता ऐसी कि संभालने वालों को भी खूब मेहनत करनी पड़ जाए। दलमा वन्यजीव अभयारण्य में आए नन्हे हाथी शेखर ने पहले ही दिन कुछ ऐसा ही नजारा दिखाया। गुमला से लाए गए इस नए मेहमान के पहुंचने से दलमा में देखरेख में रहने वाले हाथियों का कुनबा बढ़ गया है। यहां पहले से मौजूद रजनी हथिनी और बादल हाथी के साथ अब शेखर की जिंदगी का नया सफर शुरू होगा।
झुंड से बिछड़ा, अब मिला नया ठिकाना
शेखर के दलमा पहुंचने के पीछे अपने झुंड से अलग होने की कहानी है। दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी के अनुसार, यह बच्चा गुमला क्षेत्र में झुंड से बिछड़ गया था। वनकर्मियों ने उसे दोबारा झुंड से मिलाने की कोशिश की। कुछ समय बाद वह फिर अलग हो गया। इसके बाद गुमला वन प्रमंडल ने दलमा प्रबंधन से संपर्क किया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर शेखर को दलमा लाने का फैसला हुआ। सोमवार को उसे यहां पहुंचाया गया। अब उसके भोजन, सुरक्षा और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी वन विभाग संभालेगा।
नए माहौल में दिखी नन्हे मेहमान की चंचलता
नया ठिकाना मिलने के बाद शेखर शांत खड़ा रहने के मूड में नहीं दिखा। उसकी चंचल हरकतों ने वनकर्मियों की मशक्कत बढ़ा दी। उसे संभालने और नियंत्रित करने में कर्मचारियों को काफी प्रयास करना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान उसके दोनों पैरों में रस्सी बांधकर उसे नियंत्रित किया गया। इसी बीच रजनी हथिनी के महावत ने अपने हाथों से उसे खाना खिलाया। सामने आई तस्वीर में भी नन्हा शेखर वनकर्मी की हथेली की ओर अपनी सूंड बढ़ाता दिखाई दे रहा है। नए माहौल में उसकी देखभाल की शुरुआत का यह दृश्य खास ध्यान खींचता है।
रजनी और बादल के साथ बढ़ा कुनबा
दलमा में रजनी और बादल पहले से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। अब शेखर के आने से उनके साथ एक नन्हा सदस्य भी जुड़ गया है। पर्यटकों को यहां इस नए मेहमान को देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता शेखर को सुरक्षित रखना और उसकी जरूरतों के अनुसार देखभाल सुनिश्चित करना है। उसकी छोटी उम्र को देखते हुए भोजन और नए वातावरण में ढलने की प्रक्रिया पर ध्यान देना अहम होगा।
अब सुरक्षित परवरिश पर नजर
वन विभाग को उम्मीद है कि दलमा का प्राकृतिक परिवेश और कर्मचारियों की निगरानी शेखर की देखभाल में मददगार होगी। झुंड से अलग होने के बाद उसे ऐसा ठिकाना मिला है, जहां उसकी जरूरतों का ध्यान रखा जा सकेगा। दलमा के लिए शेखर का आगमन आकर्षण के साथ एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आया है। पहले दिन अपनी चंचलता से सबका ध्यान खींचने वाला यह नन्हा हाथी अब रजनी और बादल के साथ यहां की कहानी का हिस्सा बन गया है।












